पीसीएस परीक्षा पास कर एसडीएम बनीं काजल सैनी, बोलीं मम्मी-पापा ने शादी नहीं पढ़ाई को दी प्राथमिकता
कहते हैं कि अगर हौसलों में उड़ान हो और माता-पिता का साथ मिले, तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हरिद्वार जिले के झबरेड़ा के पास सड़ौली गांव की रहने वाली काजल सैनी ने, जिन्होंने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर एसडीएम का पद हासिल किया है। सोमवार का दिन काजल और उनके पूरे परिवार के लिए जीवन का सबसे यादगार दिन बन गया।
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर बेहद भावुक और खुश नजर आ रहीं काजल सैनी ने विशेष बातचीत में अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। काजल ने बताया, "हमारे समाज में अमूमन बेटियों की पढ़ाई से ज्यादा उनकी शादी की चिंता की जाती है, लेकिन मेरे माता-पिता की सोच अलग थी। वे हमेशा कहते थे कि शादी तो बाद में भी होती रहेगी, पहले तुम अपनी पढ़ाई पूरी करो और पैरों पर खड़ी हो।" काजल के पिता रामकुमार एक साधारण किसान हैं और मां राजदुलारी गृहिणी हैं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी के सपनों को कभी आर्थिक या सामाजिक तंगहाली के पिंजरे में कैद नहीं होने दिया। काजल की शुरुआती और 12वीं तक की शिक्षा राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, लंढौरा से हुई। इसके बाद उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी से बीएएमएस यानी डॉक्टरी का कोर्स किया। काजल बताती हैं कि बचपन में उनके गांव के अमरनाथ सर उन्हें अक्सर एसडीएम के रुतबे और काम के बारे में बताते थे। हालांकि उस वक्त वह इसे पूरी तरह समझ नहीं पाती थीं, लेकिन डॉक्टर बनने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि उनका असली रुझान प्रशासनिक सेवाओं में है, जहां वह समाज के लिए और बड़े स्तर पर काम कर सकती हैं। काजल की यह राह आसान नहीं थी। उन्होंने देश की सबसे कठिन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद साल 2021 में उत्तराखंड पीसीएस और लोअर पीसीएस में भी उन्हें नाकामी हाथ लगी। लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद काजल ने हार नहीं मानी। आखिरकार, उनकी मेहनत रंग लाई और अक्टूबर 2025 में उन्होंने सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) की परीक्षा पास कर सचिवालय में पदभार संभाला। वर्तमान में वह इसी पद पर कार्यरत हैं और नौकरी के साथ-साथ तैयारी करते हुए उन्होंने आखिरकार पीसीएस परीक्षा पास कर अपना एसडीएम बनने का सपना पूरा कर लिया। सचिवालय से सीधे प्रशासनिक सेवा के शीर्ष पद पर पहुंचने वाली काजल सैनी ने प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से कुछ बेहद जरूरी बातें साझा कीं परीक्षा पास करने के लिए जरूरत के हिसाब से 8 से 10 घंटे पढ़ें, लेकिन रटने के बजाय अपने बेसिक्स (बुनियाद) को मजबूत करने पर ध्यान दें।अपने आसपास अच्छे और सकारात्मक दोस्त बनाएं। परिवार के साथ रहें ताकि मुश्किल वक्त में आपको नैतिक और मानसिक सहयोग मिलता रहे। काजल ने बताया कि उन्होंने अंग्रेजी अखबारों के साथ-साथ हिंदी समाचार पत्र 'अमर उजाला' का लगातार और गहराई से अध्ययन किया, जिसने उनकी तैयारी और सामान्य ज्ञान को मजबूत करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। किसान की बेटी से एसडीएम बनीं काजल सैनी आज उत्तराखंड की हजारों उन बेटियों के लिए एक मिसाल बन चुकी हैं, जो अपनी आंखों में बड़े सपने संजोए हुए हैं।