पलामू में कलेजा कंपाने वाली वारदात: तीन बेटियां होने के तानों से तंग मां ने दो मासूमों को कुएं में फेंका, दोनों की मौत
पलामू। बेटियों को लेकर आज भी समाज की सोच कितनी संकीर्ण और जानलेवा है, इसका एक खौफनाक और दिल दहला देने वाला उदाहरण झारखंड के पलामू जिले से सामने आया है। जिले के नावाबाजार थाना क्षेत्र के कंडा गांव में एक मां ने अपनी ही दो मासूम बेटियों को जीते-जी कुएं में फेंक दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना में दोनों बच्चियों की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला ने खुद भी कुएं में कूदकर जान देने की कोशिश की, लेकिन उसे बचा लिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारी मां को गिरफ्तार कर लिया है।
स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कंडा गांव निवासी छोटेलाल प्रजापति की पत्नी सरिता देवी को अक्सर ससुराल में मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। सरिता देवी की तीन बेटियां थीं, और यही बात उसके ससुराल वालों को खटकती थी। तीन बेटियां होने के कारण सरिता को लगातार समाज और परिवार के ताने सुनने पड़ते थे। बुधवार की रात को भी इसी बात को लेकर पति छोटेलाल और सरिता के बीच तीखी बहस और झगड़ा हुआ था। बुधवार रात को हुआ यह घरेलू विवाद गुरुवार को एक बेहद खौफनाक त्रासदी में बदल गया। झगड़े से आक्रोशित और प्रताड़ना से मानसिक संतुलन खो चुकी सरिता देवी ने ऐसा कदम उठाया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उसने अपनी सास की गोद में खेल रही एक मासूम बेटी को जबरन छीन लिया और भागते हुए घर के पास स्थित कुएं में फेंक दिया। इतने से भी जब उसका दिल नहीं पसीजा, तो उसने अपनी दूसरी बेटी को भी पकड़कर कुएं में झोंक दिया। वह अपनी तीसरी बेटी को भी मौत के कुएं में धकेलने ही वाली थी, लेकिन वह डरी-सहमी बच्ची किसी तरह अपनी मां के चंगुल से छूटकर वहां से भाग निकली। दोनों बेटियों को ठिकाने लगाने के बाद सरिता देवी ने खुद भी कुएं में छलांग लगा दी। भागकर जान बचाने वाली तीसरी बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों ने जब शोर मचाना शुरू किया, तो चीख-पुकार सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण कुएं की तरफ दौड़े। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए कुएं में डूबी सरिता देवी को तो जीवित बाहर निकाल लिया, लेकिन तब तक दोनों मासूम बच्चियों की सांसें थम चुकी थीं। सूचना मिलते ही नावाबाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मृत बच्चियों, जिनकी पहचान प्रिया कुमारी और डॉली कुमारी के रूप में हुई है, के शवों को कुएं से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। नावाबाजार थाना प्रभारी संजय कुमार यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, "पारिवारिक कलह और प्रताड़ना के बाद एक महिला ने अपनी दो बेटियों को कुएं में फेंक दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। आरोपी महिला सरिता देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ हत्या की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घरेलू हिंसा और प्रताड़ना के पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद से पूरे कंडा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि आखिर कोई मां तानों से तंग आकर इस हद तक क्रूर कैसे हो सकती है कि अपनी ही कोख से जन्मे मासूमों की जान ले ले। यह घटना एक बार फिर समाज के माथे पर कलंक की तरह है, जहां आज भी बेटियों का जन्म अभिशाप माना जा रहा है।