होर्मुज में जहाज पर बड़ा हमला: इंजन रूम हुआ क्षतिग्रस्त, एक क्रू सदस्य हताहत, पश्चिम एशिया में फिर गरमाया तनाव
दुबई। वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे रणनीतिक समुद्री मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में मंगलवार तड़के एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताओं को एक बार फिर से बेहद गंभीर मोड़ पर ला खड़ा किया है। ब्रिटिश सेना के 'यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' केंद्र के अनुसार, एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या ड्रोन) ने जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाज को अपना निशाना बनाया। इस अचानक हुए हमले में जहाज का इंजन रूम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि चालक दल का एक सदस्य हताहत हुआ है।
यूकेएमटीओ ने फिलहाल सुरक्षा कारणों से प्रभावित जहाज के नाम, उसके देश या उस पर लदे माल की विस्तृत जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि हताहत हुआ क्रू सदस्य घायल है या उसकी मौत हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलते ही ओमान के तटरक्षक बल ने मोर्चा संभाला और संकट में फंसे जहाज के अन्य चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा व सहायता के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। राहत की बात यह है कि प्राथमिक जांच में समुद्र में किसी भी तरह के तेल रिसाव या पर्यावरणीय नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग माना जाता है, जहाँ से वैश्विक स्तर पर होने वाले कुल तेल कारोबार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस बेहद संकरे मार्ग पर जहाजों की आवाजाही बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और आपूर्ति श्रृंखला ठप होने की आशंका बढ़ गई है। गौरतलब है कि इज़राइल और अमेरिका के साथ सैन्य टकराव के बाद ईरान ने 28 फरवरी से इस जलमार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया था, वहीं अमेरिकी नौसेना भी ईरानी पोतों की आवाजाही रोकने के लिए कड़ा पहरा दे रही है। यह हमला ऐसे नाजुक वक्त पर हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष बातचीत पूरी तरह ठप है। हालांकि, ईरान और ओमान इस समुद्री मार्ग से जहाजों के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर एक संयुक्त समझौते पर काम कर रहे थे। इसी बीच मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। रिपोर्ट्स का दावा है कि ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के पत्रकार से फोन पर बातचीत के दौरान स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि ओमान इस क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा बनता है, तो अमेरिका सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। इस ताजा घटनाक्रम ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के मुहाने पर खड़े हालातों को और अधिक विस्फोटक बना दिया है।