‘हम Gen Z हैं’ ने ली ‘जानते नहीं मेरा बाप कौन है’ की जगह! द्रास चेकपोस्ट पर युवती के वीडियो पर उमर अब्दुल्ला का तंज, जानें क्या है वायरल वीडियो में?
श्रीनगर। लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास इलाके में मिनिमार्ग चेकपोस्ट पर एक महिला पर्यटक और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो में महिला सुरक्षाकर्मियों से बहस करते हुए बार-बार खुद को Gen Z बताते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाती नजर आ रही है। अब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘हम Gen Z हैं’ वाले संवाद पर तंज कसा है। उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि पहले लोग अपने रसूख का प्रदर्शन करने के लिए कहते थे- ‘जानते नहीं मेरा बाप कौन है।’ अब उसकी जगह एक नया जुमला आ गया है- ‘हम Gen Z हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि Gen Z के प्रति बनी अच्छी छवि को खराब करने का सबसे तेज तरीका यह है कि छोटी सी बात पर भी इस शब्द का इस्तेमाल धमकी के अंदाज में किया जाए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी पोस्ट में कहा कि ‘हम Gen Z हैं’ कहना अब कुछ लोगों के लिए विशेष अधिकार जताने जैसा बनता जा रहा है। उन्होंने युवाओं की इस पीढ़ी को लेकर बनी सकारात्मक धारणा का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह के व्यवहार से पूरी पीढ़ी की छवि प्रभावित हो सकती है। उनका तंज सीधे तौर पर वायरल वीडियो में महिला द्वारा बार-बार कही गई इसी बात पर था। उमर अब्दुल्ला ने लिखा कि ‘हम Gen Z हैं’ अब नया ‘जानते नहीं हो मेरे पिता कौन हैं’ जैसा रवैया बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी मामूली असुविधा या नाराजगी के समय इसे धमकी के तौर पर इस्तेमाल करना Gen Z की छवि के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
क्या है वायरल वीडियो में?
दरअसल, सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में द्रास के मिनिमार्ग चेकपोस्ट के पास पर्यटकों की भीड़ नजर आती है। बताया गया कि मिनिमार्ग-जोजिला-सोनमर्ग मार्ग पर सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए आवाजाही रोक दी गई थी। इसके चलते कई पर्यटकों को चेकपोस्ट पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान एक महिला पर्यटक सुरक्षाकर्मियों से बहस करने लगी। वीडियो में वह सवाल करती सुनाई देती है कि जब आम यात्रियों को रोका जा रहा है तो कुछ लोगों को आगे जाने की अनुमति कैसे दी गई। वह वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों से नाराजगी जाहिर करती है और लंबे समय से रोके जाने पर सवाल उठाती है। महिला यह भी पूछती नजर आती है कि मंत्री यहां से कैसे निकल गए, जबकि उन्हें और दूसरे पर्यटकों को क्यों रोका गया है। इसी दौरान वह कहती है- ‘हम Gen Z हैं।’ वीडियो में महिला दावा करती सुनाई देती है कि उसे और उसके साथ मौजूद लोगों को कई घंटे से चेकपोस्ट पर रोका गया है। वह कहती है कि पर्यटक पैसे खर्च करके घूमने आते हैं और इस तरह की स्थिति को स्वीकार करने के लिए नहीं आते। महिला ने मौके पर मौजूद दूसरे पर्यटकों से भी सवाल किया कि क्या वे इस मामले के विरोध में वहां रुकेंगे या नहीं। वीडियो में वह सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए भी सुनाई देती है। उसका आरोप था कि कश्मीरियों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है और अब बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, वीडियो में महिला के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कारगिल विजय दिवस के आसपास का बताया जा रहा वीडियो
लद्दाख पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक वायरल वीडियो पुराना है और इसे 26 जुलाई के आसपास का बताया गया है। यह समय कारगिल विजय दिवस के आसपास का था। सुरक्षा कारणों से इलाके में कुछ समय के लिए यातायात और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया था। कारगिल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था के कारण कई बार सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकनी पड़ती है। इसके अलावा मौसम और सड़क की परिस्थितियां भी यातायात प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में यात्रियों को कभी-कभी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने महिला के विरोध करने के तरीके पर सवाल उठाए तो कुछ ने लंबे समय तक यात्रियों को रोके जाने पर नाराजगी जताई। इसी बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना दिया है। उमर अब्दुल्ला ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए मूल मुद्दे से आगे बढ़कर Gen Z की छवि का सवाल उठाया। उनका कहना था कि किसी एक घटना में ‘Gen Z’ शब्द का इस तरह इस्तेमाल पूरी युवा पीढ़ी के प्रति बनी सकारात्मक धारणा को प्रभावित कर सकता है।