उत्तराखंड हाईकोर्ट में हटवल गांव शराब दुकान मामले की सुनवाई! आबकारी विभाग ने जारी किया नया आदेश, विवादित दुकान हटाई गई
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में टिहरी जनपद के जौनपुर ब्लॉक स्थित हटवल गांव में प्रस्तावित शराब की दुकान के मामले में सुनवाई हुई। जनहित याचिका जिला पंचायत सदस्य सीता देवी और अन्य स्थानीय लोगों की ओर से दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि हटवल गांव में खोली गई शराब की दुकान नई दुकान है, जबकि राज्य की नई आबकारी नीति इसकी अनुमति नहीं देती। याचिका के अनुसार, उत्तराखंड आबकारी नीति के क्लॉज 3.1.4 में स्पष्ट प्रावधान है कि कोई नई शराब की दुकान नहीं खोली जाएगी। केवल वे दुकानें संचालित रह सकती हैं जो पूर्व से नियमित रूप से संचालित थीं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि हटवल गांव की दुकान भले ही अभिलेखों में दर्ज रही हो, लेकिन वह पहले कभी नियमित रूप से संचालित नहीं हुई थी। ऐसे में इसे नई दुकान मानते हुए बंद किया जाना चाहिए।
मामले में पहले जिला अधिकारी ने शराब की दुकान को बंद करने का आदेश पारित किया था। हालांकि, बाद में आबकारी आयुक्त ने उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके बाद दुकान का संचालन फिर से शुरू हो गया। इस बीच 5 जुलाई 2026 को जनहित याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई। 7 जुलाई को हुई प्रारंभिक सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को याचिका में संशोधन कर आबकारी आयुक्त के आदेश को भी चुनौती देने की अनुमति दी।
इसी दौरान 6 जुलाई 2026 को आबकारी आयुक्त ने सभी जिला अधिकारियों के लिए एक स्थायी आदेश जारी कर दिया। आदेश में आबकारी नीति के क्लॉज 3.1.4 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया कि वर्ष 2024-25 में जो शराब की दुकानें विधिवत संचालित थीं, केवल उन्हीं का संचालन जारी रहेगा। किसी भी नई शराब की दुकान को खोले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सुनवाई के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि हटवल गांव की विवादित शराब की दुकान अब वहां से हटा दी गई है। ऐसे में मामले में जारी विवाद काफी हद तक समाप्त हो गया है। हालांकि, याचिका पर आगे की कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार जारी रहेगी।