मौसम के तल्ख तेवरः अलकनंदा उफान पर! चारधाम यात्रा प्रभावित, प्रदेश के 27 ग्रामीण मार्ग बंद! पांच जिलों के लिए अलर्ट जारी

Harsh weather conditions: Alaknanda in spate! Char Dham Yatra disrupted, 27 rural roads in the state closed! Alert issued for five districts.

देहरादून/रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में मानसून ने अब पूरी तरह अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने प्रदेश के पर्वतीय जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। नदियां उफान पर हैं, पहाड़ दरक रहे हैं और जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति रुद्रप्रयाग जिले में देखने को मिल रही है, जहां अलकनंदा नदी अपने विकराल स्वरूप में बह रही है। नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि बेलनी पुल के नीचे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा छाती तक उफनती जलधारा में समा गई है। प्रतिमा के चारों ओर तेज वेग से बहता पानी मानसून की भयावहता को साफ दर्शा रहा है। लगातार हो रही वर्षा के चलते अलकनंदा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटों में लगातार बढ़ता गया। नदी अपने सामान्य स्तर से कहीं अधिक वेग के साथ बह रही है, जिससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी किनारे कटाव का खतरा भी बढ़ने लगा है। प्रशासन ने घाटों और निचले क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही सीमित करने के साथ सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

सिरोबगड़ में बंद हुआ बदरीनाथ हाईवे
मूसलाधार बारिश के बीच श्रीनगर-रुद्रप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सिरोबगड़ स्लाइड जोन ने एक बार फिर परेशानी बढ़ा दी है। पहाड़ी से लगातार भारी मात्रा में मलबा और विशाल बोल्डर गिरने के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए, जबकि हजारों श्रद्धालु और स्थानीय लोग घंटों तक रास्ता खुलने का इंतजार करते रहे। प्रशासन की मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है। चारधाम यात्रा के दौरान यह मार्ग सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में हाईवे बंद होने से यात्रा व्यवस्था पर भी व्यापक असर पड़ा है। प्रशासन यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील कर रहा है।

ज्योतिर्मठ में मलबा घुसा घरों में, ग्रामीणों ने बचाई दो बुजुर्गों की जान
चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में भी लगातार बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं। पगनो गांव में पहाड़ी से आया मलबा सीधे आवासीय क्षेत्र में घुस गयाए जिससे दो बुजुर्ग अपने ही घर में फंस गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सतेश्वर प्रसाद और सीता देवी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है।

प्रदेशभर में 27 ग्रामीण सड़कें बंद
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के चलते उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में फिलहाल 27 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इनमें देहरादून जिले में सबसे अधिक 10 सड़कें प्रभावित हैं। इसके अलावा टिहरी में छह, पिथौरागढ़ में पांच, बागेश्वर में तीन, चमोली में दो तथा चंपावत जिले में एक ग्रामीण मार्ग बंद है। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां बंद मार्गों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं।

प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई टीमें
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर और संभावित आपदा को देखते हुए पुलिस, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया है। सभी विभागों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी, नालों और गधेरों के आसपास न जाएं, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा.निर्देशों का पालन करें।

पांच जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के पांच जिलों देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान भी व्यक्त किया गया है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

नदियों से दूर रहने और यात्रा टालने की अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से बेहद संवेदनशील रह सकते हैं। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों के किनारे जाने से बचें, मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा न करें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन और स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें।