शिवभक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी: 4 जुलाई से शुरू होगी पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा,तैयारियां तेज

Great news for devotees of Lord Shiva: The holy Kailash Mansarovar Yatra will begin on July 4; preparations are in full swing.

पिथौरागढ़। भोले के भक्तों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। आस्था, अध्यात्म और दुर्गम पर्वतीय रास्तों का सबसे अनूठा संगम कही जाने वाली विश्व प्रसिद्ध 'कैलाश मानसरोवर यात्रा' इस वर्ष 4 जुलाई से शुरू होने जा रही है। भारत सरकार और कुमाऊं मंडल विकास निगम ने इस पावन यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अपनी कमर कस ली है। यात्रा मार्ग से लेकर ठहरने के ठिकानों तक, सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, इस वर्ष यात्रा का पहला दल 4 जुलाई को देश की राजधानी दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। यह दल सबसे पहले उत्तराखंड के टनकपुर पहुंचेगा। इसके बाद 5 जुलाई को यात्रियों का यह जत्था पिथौरागढ़ होते हुए धारचूला के लिए आगे बढ़ेगा। यात्रा अपने पारंपरिक और ऐतिहासिक मार्ग टनकपुर, धारचूला, गुंजी और लिपुलेख दर्रे से होते हुए तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर तक पहुंचेगी। इस साल यात्रा को बेहद व्यवस्थित और सीमित रखा गया है ताकि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो। 4 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक संचालित की जाएगी। इस बार पूरी यात्रा के दौरान कुल 10 दल कैलाश मानसरोवर के लिए रवाना होंगे। प्रत्येक दल में लगभग 50 श्रद्धालुओं को शामिल किया गया है। इस प्रकार, इस वर्ष कुल 500 भाग्यशाली शिवभक्त इस अलौकिक यात्रा का हिस्सा बन सकेंगे। इतनी ऊंचाई और कठिन रास्तों पर होने वाली इस यात्रा के लिए केएमवीएन और जिला प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रा मार्ग पर आने वाले सभी विश्राम स्थलों, कैंपों और अतिथि गृहों (गेस्ट हाउस) की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन दवाओं, पौष्टिक भोजन और सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर विशेष गाइडलाइन तैयार की गई है। 4 जुलाई को मानसरोवर यात्रा का पहला दल दिल्ली से टनकपुर पहुंचेगा। रात्रि विश्राम के बाद श्रद्धालु अगले पड़ाव की ओर बढ़ेंगे। यात्रा की गाइडलाइन के अनुसार यात्रियों के रुकने और भोजन से संबंधित सभी तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली गयी हैं। किसी भी तरह की भौगोलिक या मौसम संबंधी चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन और केएमवीएन पूरी तरह मुस्तैद है। कैलाश मानसरोवर की कठिन यात्रा पूरी कर लौटने वाले श्रद्धालुओं की थकान मिटाने और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है। यात्रा से सकुशल लौटने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए हल्द्वानी स्थित लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस को केएमवीएन को सौंप दिया गया है। इस गेस्ट हाउस का जल्द ही नवीनीकरण और मेकओवर किया जाएगा, जिससे यात्रा पूरी कर लौटने वाले श्रद्धालुओं को घर जैसा आरामदेह माहौल, बेहतर आवास और उच्च स्तरीय विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। कुल मिलाकर, शिवभक्तों की इस आध्यात्मिक यात्रा को सुरक्षित, सुविधाजनक और जीवनभर के लिए यादगार बनाने के लिए सभी विभाग दिन-रात जुटे हुए हैं।