Good Morning India: भारतीय छात्रों के पास अमेरिका लौटने के लिए सिर्फ 54 दिन,सिक्किम सुरंग हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत,मानसरोवर झील में डुबकी लगाने पर चीन का बैन,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें!

Good Morning India: Indian students have just 54 days to return to the US; death toll in Sikkim tunnel accident reaches 20; China bans taking a dip in Mansarovar Lake—read the top stories at the link

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एक फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

मिडिल ईस्ट में महाजंग: ईरान के सैन्य ठिकानों पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हवाई हमले, जंग की आग में स्वाहा हुए 3.13 लाख करोड़ रुपये

ट्रंप का नया वीजा नियम: भारतीय छात्रों के पास अमेरिका लौटने के लिए सिर्फ 54 दिन,15 सितंबर से पहले वापसी की सलाह

भारत के रक्षा बेड़े को मिलेगी नई ताकत: बोइंग और मरलिनहॉक ने मिलाया हाथ,देश में ही होगी सैन्य विमानों की मरम्मत

सिक्किम सुरंग हादसा: 20 लोगों की मौत, विधानसभा में मौन,पीएम मोदी और अमित शाह ने सीएम से ली पूरी जानकारी

 केंद्रीय शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान! बोले राहुल गाँधी छात्रों का उठा रहे फायदा, हमें उनके गुस्से से बढ़कर काम करने की जरूरत

राम जन्मभूमि ट्रस्ट की आज बड़ी बैठक: नए महासचिव और खाली पदों पर होगा फैसला, चढ़ावे की सुरक्षा के लिए बनेगी नई व्यवस्था

पीएम आवास के बाहर भारी बवाल: राहुल गांधी को पुलिस ने सड़क से घसीटकर लिया हिरासत में,नाक से निकला खून,विपक्ष में आक्रोश

मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मिले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह,सुरक्षा सख्त

हल्द्वानी में हृदयविदारक हादसा: लंबे समय से बंद पानी की टंकी खोलते ही बनी जहरीली गैस,मां और दो बेटों की दम घुटने से मौत

चारधाम यात्रा में बना नया रिकॉर्ड: 94 दिनों में 45 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, बद्रीनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सबसे बड़ा सैलाब

मानसरोवर झील में डुबकी लगाने पर चीन का बैन: बाल्टी के पानी से नहाने को मजबूर श्रद्धालु,बोले- जिंदगी भर रहेगा मलाल

उत्तराखंड में आफत की बारिश: 142 सड़कें ठप, पर्वतीय इलाकों में जनजीवन बेहाल; 6 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

उत्तराखंड में युवाओं के लिए खुशखबरी: लेखाकार और सहायक लेखाकार के 379 पदों पर बंपर भर्ती, 26 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के कई प्रांतों में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं, वहीं दूसरी ओर वाशिंगटन में युद्ध के बढ़ते खर्च और सैनिकों की मौतों को लेकर सियासी भूचाल आ गया है। इस बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अब इस युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता तलाश रहा है।ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने दक्षिण-पूर्वी ईरान के सीस्तान-बलूचिस्तान प्रांत स्थित चाबहार और कोनारक क्षेत्रों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। सीस्तान-बलूचिस्तान के डिप्टी गवर्नर अली खलीलाबादी ने हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि ये हमले तड़के हुए, लेकिन फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा व आपातकालीन टीमों को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा, अमेरिकी वायुसेना ने पश्चिमी ईरान के हमदान प्रांत में स्थित कबूदरहांग काउंटी पर भी भारी बमबारी की। हमदान के राजनीतिक एवं सुरक्षा उप-राज्यपाल हमज़ेह अमराही के मुताबिक, इन हमलों में फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है। राहत और स्वास्थ्य सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे अपने जारी सैन्य अभियान का हिस्सा बताया है। युद्ध की आग सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं है, इसका असर वाशिंगटन के गलियारों में भी दिख रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीनेट समिति के सामने गवाही देते हुए बड़ा खुलासा किया कि इस जंग में अब तक 37.5 अरब डॉलर (लगभग 3.13 लाख करोड़ रुपये) स्वाहा हो चुके हैं। 

नई दिल्ली। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। ट्रंप प्रशासन के आव्रजन (इमिग्रेशन) नियमों में होने जा रहे बड़े बदलाव के कारण अमेरिकी विश्वविद्यालयों ने छात्रों को 15 सितंबर से पहले हर हाल में अमेरिका लौटने की सख्त सलाह दी है। यह एडवाइजरी विशेष रूप से एफ-1 (F-1) और जे-1 (J-1) वीजा पर पढ़ाई कर रहे उन छात्रों के लिए जारी की गई है, जो फिलहाल छुट्टियों में अपने देश (भारत) आए हुए हैं। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग अब दशकों पुरानी 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' व्यवस्था को खत्म कर "अंतिम नियम" लागू करने जा रहा है। नए नियम के तहत अब अंतरराष्ट्रीय छात्रों को अमेरिका में बिना किसी तय सीमा के रहने के बजाय अधिकतम 4 वर्ष की निश्चित अवधि के लिए ही प्रवेश मिलेगा। जबकि पुरानी व्यवस्था में छात्र अपना कोर्स पूरा होने तक वहां वैध रूप से रह सकते थे। कोलंबिया यूनिवर्सिटी समेत कई प्रमुख संस्थानों ने नोटिस जारी कर छात्रों को 8 सितंबर से शुरू होने वाली कक्षाओं से पहले लौटने को कहा है ताकि वे नए कड़े नियमों के लागू होने से पहले मौजूदा व्यवस्था का लाभ उठा सकें।

बंगलूरू। भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए एक बेहद राहत और गर्व की खबर सामने आई है। देश की अग्रणी रक्षा कंपनी मरलिनहॉक एयरोस्पेस ने बोइंग डिफेंस इंडिया के साथ एक रणनीतिक समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत अब भारतीय सैन्य विमानों और नौसेना के जहाजों के रखरखाव और मरम्मत का काम पूरी तरह भारत में ही किया जाएगा। इस समझौते से भारतीय रक्षा बलों की युद्ध तैयारियों को जबरदस्त गति मिलेगी। पहले रक्षा उपकरणों और प्रणालियों की मरम्मत के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों का बड़ा नुकसान होता था। अब यह सारा काम बंगलूरू स्थित सर्विस सेंटर में होगा। यह सर्विस सेंटर विशेष रूप से एल3हैरिस वेस्टकैम द्वारा प्रमाणित है, जहाँ अत्याधुनिक इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इन्फ्रारेड सिस्टम की ओवरहालिंग और सर्विसिंग की जाएगी। इस कदम से न केवल भारतीय नौसेना के विमान हर वक्त उड़ान भरने के लिए तैयार रहेंगे, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को भी एक नई दिशा मिलेगी।

नई दिल्ली। सिक्किम के नामची जिले मेंएनएचपीसी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए भीषण हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। राज्य विधानसभा में शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने सिक्किम के मुख्यमंत्री से फोन पर बातचीत कर स्थिति की समीक्षा की और हर संभव केंद्रीय मदद का भरोसा दिया है। सिक्किम के मुख्य सचिव रविंद्र तेलंग ने रंगपो और नामची में राहत कार्य का जायजा लेने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इसमें एनडीआरएफ, पुलिस प्रशासन, पश्चिम बंगाल प्रशासन और एनएचपीसी के अधिकारी शामिल हुए। सिविल कंस्ट्रक्शन का काम कर रही पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड ने कहा कि उसकी टीम बचाव एजेंसियों के साथ चौबीसों घंटे काम कर रही है। सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए सभी आवश्यक संसाधन और भारी उपकरण तैनात किए गए हैं। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद रंगपो में विशेष पहचान केंद्र स्थापित किया गया है, ताकि बाहरी राज्यों से आए पीड़ित परिवारों को तुरंत सहायता और शवों की शिनाख्त की सुविधा मिल सके।

नई दिल्ली। नीट परीक्षा में गड़बड़ी और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर दिल्ली समेत देशभर में छात्रों का गुस्सा चरम पर है। विपक्ष और अभ्यर्थियों के सड़कों पर उतरने के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर अपना राजनीतिक फायदा उठा रहे हैं, जबकि भारत के छात्र किसी राजनीतिक अभियान का 'मोहरा' बनने से कहीं बेहतर के हकदार हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि युवाओं में नाराजगी है और सरकार मानती है कि हमें उनके इस गुस्से को समझते हुए उससे कहीं अधिक कदम उठाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार संसद में नीट से जुड़े हर सवाल और युवाओं की हर सही चिंता पर व्यापक चर्चा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखते हुए प्रधान ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक बहस के लिए तैयार थी, लेकिन कांग्रेस ने समाधान तलाशने के बजाय 'राजनीतिक तमाशा' चुना। उनका मकसद छात्रों के भविष्य को सुधारना नहीं, बल्कि केवल सुर्खियाँ बटोरने के लिए व्यवस्था में व्यवधान पैदा करना था। उन्होंने आगे कहा, "राहुल गांधी वास्तविक मुद्दों को हल करने के बजाय सिर्फ टकराव की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। छात्र नारों के बजाय स्थायी समाधान और गड़बड़ी के बजाय जवाबदेही के हकदार हैं।" गौरतलब है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री आवास के पास भारी प्रदर्शन किया, जिससे राजधानी में सियासी पारा चढ़ा हुआ है।

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में मंदिर के संगठनात्मक ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है। दो सत्रों में आयोजित इस बैठक में ट्रस्ट के नए महासचिव के चयन के साथ ही रिक्त पड़े दो अन्य पदों को भरने पर गहराई से मंथन होगा। सूत्रों के मुताबिक, नया महासचिव विश्व हिंदू परिषद से ही होगा, यह लगभग तय माना जा रहा है। पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफे तथा बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से खाली हुए पदों पर नए चेहरों की घोषणा संभव है। माना जा रहा है कि राज परिवार के सदस्य और प्रसिद्ध साहित्यकार यतींद्र मिश्र को ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा, अयोध्या के किसी प्रमुख संत को भी जगह दी जा सकती है। हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट अब वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक ढांचे को बेहद मजबूत बनाने की तैयारी में है। बैठक में मंदिर के चढ़ावे की पारदर्शी गणना, नई लेखा (अकाउंटिंग) प्रणाली,बैंकिंग व्यवस्था और कड़े निगरानी तंत्र को लागू करने पर विस्तृत चर्चा होगी। दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाले पहले सत्र में खाली पदों के चयन पर फैसला होगा, जबकि 4 बजे से दूसरे सत्र में मंदिर की भावी कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने जैसे बड़े सुधारों पर अंतिम मुहर लगेगी।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में उस वक्त हड़कंप मच गया जब 'चलो PM हाउस' विरोध प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया। प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दे रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को पुलिस जबरदस्ती उठाकर ले गई। इस घटना के कई हैरान कर देने वाले फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कांग्रेस द्वारा जारी एक वीडियो में राहुल गांधी सड़क पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि पुलिसकर्मी उन्हें वहां से उठाने और हटाने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर सुरक्षाबलों ने उन्हें घेर लिया और टांगकर ले जाते हुए दिखे। कांग्रेस के आधिकारिक X हैंडल से शेयर की गई एक तस्वीर में राहुल गांधी की नाक से खून निकलता हुआ नजर आ रहा है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस तस्वीर को शेयर करते हुए सरकार पर करारा हमला बोला। उन्होंने लिखा, "कल हमारे बच्चों के साथ बर्बरता हुई और आज राहुल गांधी के साथ ऐसा किया गया। यह मोदी-शाह सरकार को बहुत महंगा पड़ने वाला है।" हालाँकि, पुलिस द्वारा कुछ घंटे हिरासत में रखने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया है। इस घटना के बाद से दिल्ली की राजनीति में उबाल आ गया है और विपक्षी दल सरकार पर तानाशाही का आरोप लगा रहे हैं।

गुरुग्राम। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराए गए प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का हाल-चाल जानने मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने डॉक्टरों की निगरानी में आईसीयू में भर्ती वांगचुक से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। इससे पहले मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से एंबुलेंस के जरिए मेदांता मेडिसिटी लाया गया था। हाईकोर्ट ने उनके गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए उन्हें मेदांता शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। फिलहाल मेदांता में डॉ. सुशीला कटारिया की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। सोनम वांगचुक को मेदांता लाए जाने के तुरंत बाद अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है और मुख्य प्रवेश द्वार पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है। बिना वैध पहचान पत्र के किसी को भी अस्पताल के भीतर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्पताल परिसर में 'वज्र' वाहन भी तैनात किया गया है।

अब रुख करते हैं उत्तराखंड की ख़बरों की तरफ़-हल्द्वानी। उत्तराखंड के गौलापार क्षेत्र के मानपुर पश्चिम गांव से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ अपने ही घर के बेसमेंट में बनी पानी की टंकी का ढोला खोलते समय फैली जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की अकाल मौत हो गई। मृतकों में 55 वर्षीय मां सरस्वती देवी और उनके दो बेटे - 40 वर्षीय धर्मेंद्र बिष्ट तथा खुशाल बिष्ट शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बेसमेंट की टंकी लंबे समय से बंद थी। जैसे ही परिवार का एक सदस्य लेंटर का ढोला हटाने टंकी के पास पहुंचा, वह जहरीली गैस की चपेट में आकर अचेत हो गया। उसे बचाने के फेर में एक-एक कर मां और दूसरा बेटा भी नीचे पहुंचे और वे भी दम घुटने से बेहोश हो गए। स्थानीय लोग और पड़ोसी तीनों को आनन-फानन में हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम मोनिका आर्य ने बताया कि बंद टंकी में बनी जहरीली गैस के कारण यह भीषण हादसा हुआ है। वहीं, एसपी सिटी मनोज कत्याल ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी बंद सेप्टिक टैंक, अंडरग्राउंड टंकी या बेसमेंट में बिना सुरक्षा उपकरणों और वेंटिलेशन के प्रवेश न करें, क्योंकि वहाँ ऑक्सीजन की कमी या विषैली गैसें जानलेवा साबित हो सकती हैं।

देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष सफलता और आस्था के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। यात्रा शुरू होने के महज 94 दिनों के भीतर ही दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों का आंकड़ा 45 लाख के पार पहुंच गया है। पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इस बार 3.52 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंचे हैं। इस साल श्रद्धालुओं की पहली पसंद भगवान बदरीविशाल का धाम रहा है। बद्रीनाथ धाम में सर्वाधिक 15,27,936 श्रद्धालुओं ने माथा टेका, जो पिछले साल के मुकाबले 3 लाख से भी ज्यादा है। वहीं, केदारनाथ धाम में 14,11,861, गंगोत्री में 7,03,064 और यमुनोत्री धाम में 6,47,447 तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। इसके अलावा पवित्र सिख तीर्थ हेमकुंड साहिब में भी अब तक 2.10 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। मानसून सीजन के बावजूद यात्रा सुचारू और सुरक्षित रूप से चल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद आपदा प्रबंधन और यात्रा मार्गों की स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। राज्य सरकार की ओर से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सहूलियत के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिससे बारिश के मौसम में भी यात्रियों का उत्साह कम नहीं हुआ है।

पिथौरागढ़। भगवान शिव के पावन धाम कैलाश मानसरोवर की कठिन यात्रा पूरी कर लौटे श्रद्धालुओं के चेहरों पर जहां दर्शन का संतोष है, वहीं पवित्र मानसरोवर झील में आस्था की डुबकी न लगा पाने का गहरा मलाल भी है। दरअसल, चीन प्रशासन ने वर्ष 2018 के बाद से मानसरोवर झील में श्रद्धालुओं के उतरने और डुबकी लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। अब तीर्थयात्रियों को झील के किनारे बाल्टियों में पानी भरकर स्नान करना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं के अनुसार, पूर्व में कुछ यात्रियों द्वारा साबुन इत्यादि का इस्तेमाल करने के कारण झील का जल प्रदूषित हो रहा था, जिसे बचाने के लिए चीन सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। सातवीं बार यात्रा पूरी कर लौटे तीर्थयात्रियों और स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि पवित्र जल को स्वच्छ रखने का चीनी प्रशासन का यह फैसला पर्यावरण के लिहाज से भले ही सही हो, लेकिन शिवभक्तों की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा और आस्था को इससे गहरा ठेस पहुंचा है। श्रद्धालुओं ने बताया कि मानसरोवर की परिक्रमा से पहले चीनी अधिकारियों द्वारा स्वच्छता बनाए रखने की सख्त हिदायत दी जाती है। शिव की भूमि पर पहुंचकर भी बाल्टी के पानी से स्नान करना पड़ा, जो एक तरह से सुखद तो था, लेकिन मानसरोवर के पवित्र जल में सीधे डुबकी न लगा पाने की टीस जीवन भर बनी रहेगी।

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य भर में 142 सड़कें बंद हो गईं, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों के दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है और आम जनता को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अनुसार, मंगलवार को बारिश और भूस्खलन के कारण बंद सड़कों की संख्या तेजी से बढ़कर 142 तक पहुंच गई थी। हालांकि, शाम तक कड़ी मशक्कत के बाद 54 सड़कों को यातायात के लिए खोल दिया गया, लेकिन अब भी 88 प्रमुख मार्ग बंद हैं। सबसे बुरा असर पहाड़ी जिलों में पड़ा है, जहाँ चमोली में सर्वाधिक 37, पौड़ी में 29, उत्तरकाशी में 27 और टिहरी में 17 सड़कें पूरी तरह से बाधित हुईं। प्रशासन जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की मदद से मलबे को हटाने के काम में जुटा हुआ है। दूसरी ओर, मैदानी इलाकों विशेषकर देहरादूनवासियों को मंगलवार रात हुई झमाझम बारिश से भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, मौसम विभाग ने बुधवार के लिए अलर्ट जारी करते हुए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका जताई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी विभागों में नौकरी की राह देख रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर आया है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने समूह 'ग' के अंतर्गत विभिन्न विभागों में खाली पड़े लेखाकार, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सम्परीक्षक और कैशियर सहित कुल 379 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। आयोग की ओर से जारी तिथियों के अनुसार, इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 26 जुलाई 2026 से 15 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए लिखित प्रतियोगी परीक्षा की संभावित तिथि 12 अक्टूबर 2026 तय की गई है। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष होनी चाहिए। भर्ती में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://sssc.uk.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। कुल 18 अलग-अलग पदनामों के लिए यह प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। ऑनलाइन आवेदन भरते समय अभ्यर्थियों को अपने नाम और जन्मतिथि के सत्यापन के लिए हाईस्कूल (10वीं) का प्रमाण पत्र तथा अपने पहचान पत्र की दोनों तरफ की स्कैन प्रति अपलोड करना अनिवार्य होगा। युवाओं को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर अपना आवेदन पूरा कर लें।

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