Good Morning India: आईआईटी दिल्ली का 57वां दीक्षांत आज,पीएम मोदी 'जेन-जी' को सौंपेंगे डिग्री,रूसी तेल खरीदा तो लगेगा 100% टैरिफ,अमेरिकी सीनेट में बिल पास,सीएम धामी की बड़ी पहल,1200 अग्निवीरों को दोबारा मिलेगा रोजगार,लिंक में पढ़ें प्रमुख खबरें

Good Morning India: IIT Delhi's 57th convocation today; PM Modi to award degrees to 'Gen-Z' graduates. 100% tariff on Russian oil imports; bill passed in US Senate. Major initiative by CM Dhami; 1,20

नमस्कार दोस्तों, आवाज इंडिया अपना खास कॉलम 'गुड मॉर्निंग इंडिया' लेकर एकबार फिर आपके समक्ष हाजिर है। आईए शुरुआत करते हैं उन सुर्खियों के साथ,जो आज पूरे दिन चर्चा में रहने वाली हैं।

आईआईटी दिल्ली का 57वां दीक्षांत आज,पीएम मोदी 'जेन-जी' को सौंपेंगे डिग्री,मेधावियों को मिलेंगे स्वर्ण पदक,एआई सुपरकंप्यूटर 'परम प्रज्ञा' का भी करेंगे उद्घाटन

अमेरिकी सीनेट से 'रूस प्रतिबंध विधेयक' 86-11 के भारी बहुमत से पारित: पुतिन पर शिकंजा कसने की तैयारी, यूक्रेन को बड़ी राहत

रूसी तेल खरीदा तो लगेगा 100% टैरिफ: अमेरिकी सीनेट में बिल पास, भारत और चीन पर असर संभव

प्रयागराज में आज राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम: पेपर लीक और बेरोजगारी पर 2 लाख युवाओं से करेंगे सीधा संवाद

दिल्ली-एनसीआर में आफत की बारिश: 15 साल का रिकॉर्ड टूटा, उड़ानें लेट, 9 मकान ढहे और थमा यातायात

जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: सरकार और छात्रों के बीच वार्ता बेनतीजा, सीबीआई जांच पर पेंच, सत्याग्रह जारी, सीएम संग अगली बैठक पर टिकीं निगाहें

सलमान खान के घर के बाहर ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल की मौत, हार्ट अटैक से थमी सांसें,गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर ड्यूटी के दौरान हादसा

देश के 16 राज्यों में मूसलाधार आफत: उफान पर नदियां, आईएमडी का बड़ा अलर्ट जारी,असम से उत्तराखंड तक हाहाकार

श्रीलंका में गॉल टेस्ट से पहले भारत को बड़ा झटका: कप्तान शुभमन गिल चोटिल, नंबर-4 के लिए 3 धाकड़ खिलाड़ी रेस में

फॉर्च्यून सनफ्लावर ऑयल का सैंपल लैब टेस्ट में फेल: घटिया क्वालिटी पर एफएसएसएआई ने लगाया जुर्माना, पाई फूड्स पर भी गाज

चीन को भारत का करारा जवाब: अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के बदले नाम, आधिकारिक मानचित्र में किया शामिल

धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला: ओवरटाइम पर मिलेगी दोगुनी मजदूरी, महिलाओं को पुरुषों के बराबर वेतन

उत्तराखंड में जारी रहेगा बारिश का दौर: रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर में 'येलो अलर्ट', मौसम विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह

सीएम धामी की बड़ी पहल: उत्तराखंड के 1200 अग्निवीरों को दोबारा मिलेगा रोजगार, देश के पहले 'पुनर्रोजगार सेल' ने कसी कमर

उत्तराखंड में 'नकली डेयरी उत्पादों' पर पूर्ण प्रतिबंध: मिलावटखोरों पर कसेगा शिकंजा, पूरे प्रदेश में चलेगा सघन जांच अभियान

हरिद्वार तक बनेगा गंगा एक्सप्रेस-वे: यूपी और उत्तराखंड के बीच समझौता,30 किमी लिंक से खुलेगा विकास का नया मार्ग

हेडलाइंस के बाद आइए अब रुख करते हैं आज की बड़ी खबरों की तरफ-वॉशिंगटन। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका ने मॉस्को पर दबाव बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी सीनेट ने रूस के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लगाने वाले द्विदलीय विधेयक को 86-11 के भारी बहुमत से मंजूरी दे दी। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाना तथा यूक्रेन के समर्थन को मजबूत करना है। इस पहल के पीछे सीनेटर लिंडसे ग्राहम लंबे समय से अभियान चला रहे थे। वह एक साल से अधिक समय से रूस पर सख्त प्रतिबंधों की पैरवी कर रहे थे। विधेयक में उन देशों पर भी कार्रवाई का प्रावधान प्रस्तावित है, जो रूस से तेल, गैस और अन्य प्रमुख वस्तुओं का व्यापार करते हैं। ऐसे देशों के खिलाफ अतिरिक्त शुल्क और अन्य आर्थिक दंड लगाए जा सकते हैं। सीनेट में विधेयक पर चर्चा के दौरान शुल्क संबंधी भाषा में बदलाव के लिए संशोधन भी प्रस्तावित किए गए। सीनेटर राफेल वार्नॉक ने एक संशोधन रखा था, लेकिन लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने इसे वापस ले लिया। सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल ने कहा कि शुल्क लगाने का अधिकार सावधानी से तैयार और सीमित रखा गया है। अमेरिका पिछले साढ़े चार वर्षों से रूस पर प्रतिबंधों के जरिए उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश करता रहा है। अब सीनेट की मंजूरी के बाद इस विधेयक को आगे की विधायी प्रक्रिया से गुजरना होगा। यदि यह कानून बनता है तो रूस के ऊर्जा कारोबार और उसके साथ व्यापार करने वाले देशों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे यूक्रेन को आर्थिक और रणनीतिक तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है।

वॉशिंगटन। रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर अमेरिका का शिकंजा कस सकता है। अमेरिकी सीनेट ने रूस और ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने वाले एक सख्त विधेयक को मंजूरी दे दी है। इसमें रूस से बड़ी मात्रा में तेल-गैस खरीद जारी रखने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक दंडात्मक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। इससे भारत और चीन समेत कई देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है। विधेयक का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सेंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के साथ जरूरत पड़ने पर इन शुल्कों में छूट, कमी या बदलाव करने का अधिकार देता है। सीनेट से मंजूरी के बाद विधेयक अब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में जाएगा। वहां से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। हालांकि, मौजूदा प्रस्ताव पहले के उन सुझावों से नरम है, जिनमें रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ की बात कही गई थी। भारत पर इसका असर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना लगातार बढ़ाया है। चीन और यूरोप के कई देश भी रूसी ऊर्जा खरीदते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक अभी भारत को तत्काल चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अंतिम फैसला अमेरिकी प्रशासन के हाथ में होगा। बातचीत से रास्ता निकलने या भारत पर कम टैरिफ लगाए जाने की संभावना भी बनी हुई है। हालांकि, यदि अमेरिका ने 100 प्रतिशत शुल्क लगाया तो भारत का अमेरिकी बाजार को होने वाला निर्यात प्रभावित हो सकता है और दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है।

नई दिल्ली। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली का 57वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान वे जेनरेशन-जी के विद्यार्थियों से लेकर 74 वर्षीय शोधार्थी तक कुल 3036 छात्रों को डिग्री प्रदान करेंगे। मेधावी विद्यार्थियों को राष्ट्रपति स्वर्ण पदक, निदेशक स्वर्ण पदक समेत अन्य प्रतिष्ठित पदकों से सम्मानित किया जाएगा। आईआईटी दिल्ली के निदेशक रंगन बनर्जी ने बताया कि इस वर्ष 587 पीएचडी, 567 एमटेक और 1049 बीटेक छात्रों समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्री मिलेगी। समारोह में प्रधानमंत्री आईआईटी दिल्ली के सोनीपत परिसर में स्थापित एआई संचालित उच्च-प्रदर्शन सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ का उद्घाटन भी करेंगे। संस्थान ने वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 600 करोड़ रुपये की प्रायोजित शोध परियोजनाओं पर काम किया। पिछले एक साल में 196 नए पेटेंट दाखिल किए गए और 26 नए स्टार्टअप स्थापित हुए। आईआईटी दिल्ली ने देश के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के साथ शैक्षणिक एवं शोध सहयोग के लिए समझौते किए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी 30 देशों के साथ 88 सक्रिय समझौते हैं। छात्र कल्याण के लिए प्लेसमेंट में चयनित पूर्व छात्रों को अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का मेंटर बनाया गया है। ‘कॉल फॉर अ फ्रेंड’ कार्यक्रम के जरिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता दी जा रही है। समारोह के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और कार्यक्रम स्थल पर मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा।

प्रयागराज। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को संगम नगरी प्रयागराज से उत्तर प्रदेश में चुनावी अभियान का आगाज करेंगे। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत वह केपी इंटर कॉलेज मैदान में शाम 6:30 से 8:30 बजे तक प्रतियोगी छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। राजस्थान और उत्तराखंड के बाद कांग्रेस ने पूर्वांचल के युवाओं के बीच पहुंच बनाने के लिए प्रयागराज को चुना है। कार्यक्रम में करीब दो लाख छात्रों के पंजीकरण का दावा किया गया है। प्रयागराज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बड़ा केंद्र है और यहां रहने वाले छात्रों में बड़ी संख्या पूर्वांचल के युवाओं की है। राहुल गांधी संवाद के दौरान नीट, आरओ-आरआरओ समेत भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षाओं में देरी, भर्ती में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर छात्रों से चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश के करीब 25 जिलों के शहर व जिलाध्यक्षों के अलावा कांग्रेस के सभी छह सांसद और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। राहुल गांधी कार्यक्रम से पहले अपने पैतृक आवास स्वराज भवन पहुंचेंगे। यहां वह करीब ढाई घंटे पार्टी के सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर मंथन करेंगे। कांग्रेस ने कार्यक्रम को युवाओं की पसंद के मुताबिक बनाने की भी तैयारी की है। शुरुआत सांगीतिक प्रस्तुति से होगी, जिसमें पॉप सिंगर लश्करी और एमसी अल्ताफ प्रस्तुति देंगे। पार्टी के मुताबिक कार्यक्रम में कोई राजनीतिक भाषण नहीं होगा, बल्कि छात्रों के मुद्दों पर सीधा संवाद केंद्र में रहेगा।

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने अगस्त के शुरुआती सात दिनों में ही 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। शुक्रवार को राजधानी के कई इलाकों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। पुष्प विहार में सबसे ज्यादा 111.5 मिमी, जबकि छतरपुर में 104.5 मिमी बारिश हुई। अगस्त में अब तक दिल्ली में 127 मिमी पानी बरस चुका है, जबकि पूरे महीने का सामान्य आंकड़ा 233.1 मिमी है। भारी बारिश से राजधानी की सड़कें जलमग्न हो गईं और कई जगह यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। एंबुलेंस समेत बड़ी संख्या में वाहन पानी में फंस गए। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानों का संचालन भी प्रभावित हुआ। इंडिगो और स्पाइसजेट ने यात्रियों को मौसम की स्थिति देखते हुए उड़ान का स्टेटस जांचने की सलाह दी।बारिश ने दिल्ली की जर्जर इमारतों की भी पोल खोल दी। शुक्रवार को अलग-अलग इलाकों में नौ मकान या इमारतों के हिस्से ढह गए। दिल्ली अग्निशमन सेवा को बारिश से जुड़ी 26 से अधिक कॉल मिलीं। कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी हुईं। ईस्ट ऑफ कैलाश में एक पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया। बारिश का असर दिल्ली से बाहर भी दिखा। जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बैटरी वाहन और हेलिकॉप्टर सेवा बंद रही। हिमाचल प्रदेश में किन्नौर कैलाश यात्रा रोकनी पड़ी, जबकि भूस्खलन से 162 सड़कें बंद रहीं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक चीन से उत्तर और मध्य भारत तक करीब 3500 किलोमीटर लंबी बादलों की पट्टी बनी हुई है, जो एशियाई मानसूनी तंत्र की व्यापकता दर्शाती है।

रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच राजकीय अतिथिशाला में करीब दो घंटे चली बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन आंदोलन की सबसे अहम मांग सीबीआई जांच पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने सत्याग्रह जारी रखने का ऐलान किया। बैठक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने वार्ता को सकारात्मक बताते हुए कहा कि यह सरकार के साथ उनकी पहली औपचारिक बातचीत थी। छात्रों ने अपनी सभी मांगें सरकार के सामने रखीं और उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ अगली बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय होगा। सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों की सभी मांगों को गंभीरता से सुना गया है और सरकार उन पर मंथन करेगी। बैठक में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव, विकास आयुक्त अजय सिंह के अलावा रांची के उपायुक्त और एसएसपी भी मौजूद रहे। छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं जीपीएससी परीक्षा रद्द करना, कथित अनियमितताओं की जांच,सीबीआई जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक  सीबीआई जांच समेत प्रमुख मांगों पर स्पष्ट फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। अब निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ प्रस्तावित अगली बैठक पर टिकी हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि रविवार तक समाधान नहीं निकला तो 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव किया जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा, लेकिन आंदोलन खत्म करने का फैसला मांगों के समाधान के बाद ही होगा।

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर सुरक्षा ड्यूटी में तैनात 41 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल गणेश की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक ड्यूटी के दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया और वह मौके पर ही गिर पड़े। घटना के बाद साथी पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार गणेश सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह जमीन पर गिर गए। आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें संभाला और अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सलमान खान को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह की ओर से मिलती रही धमकियों के मद्देनजर उनके घर के बाहर लंबे समय से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है। पुलिसकर्मी अलग-अलग शिफ्ट में यहां तैनात रहते हैं।ड्यूटी के दौरान जवान की अचानक मौत से साथी पुलिसकर्मियों में शोक का माहौल है। शुरुआती चिकित्सकीय जानकारी में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है। हालांकि, मौत की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी। 41 साल की उम्र में ड्यूटी के दौरान हुई इस अचानक मौत ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ-साथ इलाके में मौजूद लोगों को भी झकझोर दिया।

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून अब आफत बनता जा रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने 8 अगस्त को 16 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान समेत कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। लगातार बारिश से राज्य की नदियां उफान पर हैं। श्रीनगर में अलकनंदा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है और नमामि गंगे घाट जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की है। अगले कई दिनों तक भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। असम में फिर बाढ़ का डर: पहले से बाढ़ की मार झेल रहे असम में दोबारा तेज बारिश की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है। राज्य में अब तक बाढ़ से 97 लोगों की मौत हो चुकी है और 15 जिले प्रभावित हैं। करीब 1.68 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। छह जिलों में 133 राहत शिविर बनाए गए हैं। लगातार बारिश से दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में कई जगह जलभराव हुआ। नोएडा सेक्टर-95 में वाहन फंस गए, जबकि कापासेहड़ा बॉर्डर पर भी यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले दो दिनों तक बारिश का अनुमान जताया है। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र और गोवा में बारिश की चेतावनी है। पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

नई दिल्ली। श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाले गॉल टेस्ट से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। कप्तान शुभमन गिल प्रैक्टिस के दौरान दाहिने हाथ की उंगली में चोट लगने के कारण वॉर्म-अप मैच से बाहर हो गए हैं। पहले टेस्ट में उनके खेलने पर भी संशय बना हुआ है। अगर गिल उपलब्ध नहीं होते हैं तो उपकप्तान केएल राहुल टीम की कप्तानी संभाल सकते हैं। गिल के बाहर होने पर सबसे बड़ा सवाल नंबर-4 की जगह को लेकर है। टीम इंडिया के पास इसके लिए तीन प्रमुख विकल्प हैं। देवदत्त पडिक्कल सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और नंबर-4 पर बल्लेबाजी का अनुभव भी है। गिल की गैरमौजूदगी में उन्हें सीधे प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है। दूसरा विकल्प रवींद्र जडेजा हैं। अनुभवी ऑलराउंडर पहले भी नंबर-4 पर बल्लेबाजी कर चुके हैं। स्पिन के खिलाफ उनकी मजबूत बल्लेबाजी और टेस्ट अनुभव उन्हें टीम के लिए उपयोगी विकल्प बनाता है। हालांकि इससे टीम के बल्लेबाजी क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या बढ़ सकती है। तीसरे दावेदार ध्रुव जुरेल हैं। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में चौथे से छठे नंबर के बीच बल्लेबाजी की है और मुश्किल परिस्थितियों में उपयोगी पारियां खेली हैं। ऋषभ पंत की फिटनेस को लेकर भी अगर कोई समस्या रहती है तो जुरेल के पास एक साथ बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग विकल्प बनने का मौका होगा। अब गिल की फिटनेस रिपोर्ट और टीम प्रबंधन के फैसले पर नजर है। गॉल टेस्ट से पहले भारत को अपनी प्लेइंग इलेवन में अहम बदलाव करना पड़ सकता है।

नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों और भारतीय इलाकों के नाम बदलने की उसकी कोशिशों के बीच भारत ने कड़ा जवाब दिया है। भारत ने अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के नाम बदलकर उन्हें आधिकारिक मानचित्र में शामिल किया है। सरकार के मुताबिक नए नाम संबंधित क्षेत्रों की स्थानीय पहचान, भौगोलिक विशेषताओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं। चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताता रहा है और भारतीय क्षेत्र के कई स्थानों के नाम बदलने की कोशिश कर चुका है। भारत ने इन दावों को लगातार खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। नए नामों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से सटा लोंग जू क्षेत्र भी शामिल है। 1959 में यह इलाका भारत-चीन टकराव का केंद्र बना था। इसके अलावा उच्च पर्वतीय क्षेत्र के बीसा गांव तथा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण डीजो ला, रीजा ला और पुकुर ला जैसे दर्रों की पहचान भी नए नामों के साथ दर्ज की गई है। थाग ला दर्रा भी सूची में है, जो 1962 के भारत-चीन युद्ध के शुरुआती टकराव का गवाह रहा था। चांगलांग जिले में एक स्थान को जैरामपुर नाम दिया गया है, जो भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सूची में शंभू सरोवर, बड़ा कुंदन, छोटा कुंदन, धानबाड़ी, प्रीतनगर, तेरितनगर, रामनगर और जसवंत गढ़ जैसे नाम भी शामिल हैं। जसवंत गढ़ का नाम भारतीय सेना के वीर सैनिक जसवंत सिंह रावत की स्मृति में रखा गया है। तवांग क्षेत्र के कुछ गांवों को सागर पद्मा, ज्योतिनगर और बैसाखी जैसे नाम दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि नामकरण का उद्देश्य क्षेत्र की वास्तविक पहचान को मजबूत करना और स्थानीय इतिहास-संस्कृति को सामने लाना है।

नई दिल्ली। खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने घटिया क्वालिटी का फोर्टिफाइड सनफ्लावर कुकिंग ऑयल बनाने और बेचने के जुर्म में प्रसिद्ध खाद्य तेल कंपनी 'एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस लिमिटेड' (फॉर्च्यून ब्रांड) पर जुर्माना लगाया है। नियामक ने यह सख्त कार्रवाई गोवा स्थित ताज फोर्ट अगुड़ा रिसॉर्ट से लिए गए 1 लीटर 'फॉर्च्यून फ्रायोला रिफाइंड' तेल के सैंपल की लैब रिपोर्ट फेल होने के बाद की। प्राथमिक और रेफरल दोनों प्रयोगशालाओं की जांच में पुष्टि हुई कि इस तेल में एफएसएस नियम 2018 के तहत तय सीमा से विटामिन ए और विटामिन डी की मात्रा काफी कम पाई गई। निर्धारित मानकों पर खरा न उतरने के कारण एफएसएसएआई ने प्रोडक्ट को घटिया घोषित करते हुए कंपनी के खिलाफ जुर्माना लगाने का आदेश पारित किया। एक अन्य कार्रवाई में,एफएसएसएआई ने पाई फूड्स को उसके दो उत्पादों-मोंक फ्रूट एक्सट्रैक्ट स्वीटनर' और 'मोंक फ्रूट स्वीटनर ड्रॉप्स' की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया है। यह कदम लेबलिंग मानकों के उल्लंघन और बिना वैध लाइसेंस के चीन में पाए जाने वाले मोंक फ्रूट से बने उत्पादों को बेचने पर उठाया गया है। एफएसएसएआई ने कंपनी को वैध मंजूरी प्राप्त करने तक इन उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है।

आइए अब नज़र डालते हैं उत्तराखंड की ख़बरों पर-देहरादून। उत्तराखंड में श्रमिकों के हित में धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में नए श्रम कानून लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत कर्मचारियों से ओवरटाइम कराने पर कंपनियों को सामान्य मजदूरी की तुलना में दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा। साथ ही समान काम के लिए पुरुष और महिला कर्मचारियों को बराबर वेतन देना होगा। नई उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 में कंपनियों के लिए हर महीने की सात तारीख तक कर्मचारियों का वेतन देना अनिवार्य किया जाएगा। वेतन भुगतान डिजिटल माध्यम से करने पर भी जोर दिया गया है, जिससे भुगतान में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों की शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है। सरकार ने वेतन को लेकर कंपनी और कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों के समाधान के लिए भी व्यवस्था प्रस्तावित की है। विवाद सामने आने पर एक निर्धारित कमेटी के जरिए समयबद्ध तरीके से समाधान निकालने का कानूनी प्रावधान होगा। नई नियमावली में न्यूनतम मजदूरी को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। कोई भी कंपनी किसी कर्मचारी को सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान नहीं कर सकेगी। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों का उद्देश्य श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा देना, वेतन भुगतान में पारदर्शिता बढ़ाना और कार्यस्थल पर लैंगिक समानता सुनिश्चित करना है। ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान और समय पर वेतन मिलने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून सक्रिय बना हुआ है और पहाड़ से मैदान तक बारिश का सिलसिला जारी है। हालांकि पिछले कुछ दिनों के मुकाबले भारी बारिश की तीव्रता में कमी आई है, लेकिन मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश का दौर तेज से अति तेज हो सकता है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली चमकने की भी चेतावनी दी गई है। मैदानी जिलों में भी मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित है। कई स्थानों पर भूस्खलन के चलते संपर्क मार्ग बाधित हो रहे हैं। वहीं नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे संवेदनशील इलाकों में खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों को अगले कुछ दिनों तक अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रशासन को भी बारिश और भूस्खलन की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून अभी सक्रिय है और आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है।

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर स्थापित देश के पहले अग्निवीर पुनर्रोजगार सेल के जरिए उत्तराखंड के करीब 1200 अग्निवीरों को सेना से सेवा पूरी करने के बाद दोबारा रोजगार दिलाने की तैयारी तेज हो गई है। दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 में सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले इन युवाओं के लिए सेल रोजगार के अवसर तलाशेगा। पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि यह सेल मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन काम करेगा। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार के विभागों, अर्द्धसैनिक बलों तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ समन्वय कर अग्निवीरों को रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना के तहत सेना को युवा, प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन मिल रहा है। सेना में 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी रूप से शामिल किए जाने के बाद शेष 75 प्रतिशत युवाओं को रोजगार, उच्च शिक्षा या स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में सेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कर्नल कोठियाल के मुताबिक भारतीय सेना अग्निवीरों की आवश्यक स्किलिंग और प्रमाणन भी सुनिश्चित कर रही है। इससे सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष की ओर से अग्निवीर योजना को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक भ्रम फैलाने के बजाय युवाओं के भविष्य पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित में इस विषय को राजनीति से ऊपर रखने की अपील की।सरकार की इस पहल से सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को सेना के बाद रोजगार के नए विकल्प मिलने की उम्मीद है।

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने नकली और भ्रामक डेयरी उत्पादों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध उन उत्पादों पर लागू होगा, जो पनीर, घी, मक्खन या अन्य दुग्ध उत्पादों के नाम और पैकेजिंग के जरिए उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं, जबकि उनमें दूध के बजाय वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। आदेश राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से प्रभावी होगा और एक साल या एफएसएसएआई की ओर से इस संबंध में अंतिम मानक अधिसूचित होने तक लागू रहेगा। हालांकि एफएसएसएआई मानकों के अनुरूप फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पाद प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगे। आदेश लागू होते ही पूरे प्रदेश में सघन जांच और सैंपलिंग अभियान चलाया जाएगा। डेयरी इकाइयों, गोदामों, थोक-खुदरा बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों की जांच होगी। संदिग्ध उत्पादों के नमूने प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। नियम तोड़ने वालों पर मुकदमा, उत्पाद जब्ती और लाइसेंस निरस्त करने जैसी कार्रवाई हो सकती है। आयुक्त ने कारोबारियों को केवल मानकों के अनुरूप उत्पादों का निर्माण और बिक्री करने की चेतावनी दी है। उपभोक्ताओं से भी लेबल, सामग्री और लाइसेंस की जानकारी जांचने तथा संदिग्ध उत्पाद मिलने पर विभाग को सूचना देने की अपील की गई है। चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन और त्योहारों में बढ़ती मांग के बीच इस अभियान को खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हो चुका है। समझौते में दोनों राज्यों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। प्रस्तावित मार्ग बिजनौर के रास्ते हरिद्वार से जुड़ेगा और इसकी लंबाई करीब 30 किलोमीटर होगी। गंगा एक्सप्रेसवे के इस हिस्से के निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की होगी। खास बात यह है कि परियोजना के निर्माण का कोई वित्तीय भार उत्तराखंड सरकार पर नहीं पड़ेगा। उत्तराखंड की भूमिका मुख्य रूप से भूमि अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग में सहयोग करने की होगी। शासन के अधिकारियों के अनुसार दोनों राज्यों के बीच इस संबंध में एमओयू पिछले महीने ही अंतिम रूप ले चुके थे। इसके बाद कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई है। परियोजना को लेकर दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। हरिद्वार जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ भी प्रस्तावित कनेक्टिविटी को लेकर चर्चा की गई है। हरिद्वार तक एक्सप्रेसवे पहुंचने से उत्तराखंड के लिए धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश और व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेसवे से हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर होने पर चारधाम और अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिल सकता है। इसके अलावा बेहतर सड़क संपर्क से माल परिवहन आसान होगा और क्षेत्र में नए उद्योग एवं कारोबारी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। दोनों राज्यों के बीच इस महत्वपूर्ण परियोजना पर आगे की कार्यवाही अब तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

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