Good Morning India: भूकंप से दहला चीन, कई इमारतें तबाह! मेक्सिको में 10 लोगों की गोली मारकर हत्या! एक और ट्रेन में लगी भीषण आग, स्टेशन पर मची अफरा-तफरी! ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में ट्रंप! माइक्रोसॉफ्ट के बड़े अधिकारी ने दी चेतावनी, 18 महीनों में सबकी नौकरी खा जाएगा AI
नमस्कार दोस्तों, आवाज 24X7 अपना खास कॉलम "गुड मॉर्निंग इंडिया" लेकर एक फिर आपके समक्ष प्रस्तुत है। आज के प्रमुख कार्यक्रमों पर नजर डालते हैं, वीडी सतीशन आज केरल के मुख्यमंत्री का पद संभालेंगे।
अब बड़ी खबरों की तरफ रुख करते हैं, मेक्सिको से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां प्यूब्ला में एक शख्स ने 10 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों ने बताया कि मेक्सिको के पूर्वी-मध्य राज्य प्यूब्ला के तेहुइत्ज़िंगो कस्बे में यह घटना सामने आई। यहां बंदूकधारियों के हमले में कम से कम 10 लोग मारे गए। प्यूब्ला की सार्वजनिक सुरक्षा एजेंसी ने एक बयान में कहा कि मृतकों में छह पुरुष, तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल थे। इन सभी लोगों को रविवार तड़के गोली मारी गई थी। जानकारी के मुताबिक संघीय अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि हत्याओं में कोई संदिग्ध है या नहीं। बता दें कि इससे पहले फरवरी में, प्यूब्ला राज्य के एक अन्य शहर ह्यूहुएटलान एल ग्रांडे में छह लोग मारे गए थे। इस घटना के कुछ ही दिनों बाद, प्यूब्ला की राजधानी में एक वाहन पर हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी। फिलहाल इस घटना को लेकर प्यूब्ला के गवर्नर अलेजांद्रो अर्मेंटा ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है। मध्य मेक्सिको में हाल ही में कार्टेल हिंसा में तेजी आई है, जिसके कारण 800 से 1000 परिवारों को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा है।
इधर चीन के दक्षिणी इलाके में सोमवार सुबह भूकंप के झटके लगे। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.2 रही। भूकंप के चलते कई इमारतों को भारी नुकसान हुआ है। अब तक भूकंप के चलते दो लोगों की मौत हुई है और एक लापता है। कई इमारतों को खाली कराया गया है। भूकंप के चलते कई इमारतें गिर गई हैं। राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है और तबाह इमारतों में लोगों की तलाश की जा रही है।
उधर पंडित दीनदयाल उपाध्याय गयाजी रेल खंड के सासाराम रेलवे स्टेशन पर आग लगने का मामला सामने आया है। यहां सोमवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब एक सवारी गाड़ी अचानक से धधक उठी। सासाराम से आरा होकर पटना को जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में अचानक आग लगने से प्लेटफॉर्म एवं ट्रेन में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते लोग इधर-उधर भागने लगे। यह घटना सोमवार की सुबह करीब 6 बजे की बताई जाती है। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है। इस घटना में पैसेंजर ट्रेन की एक बोगी पूरी तरह जलकर खाक हो गई है, जिसे ट्रेन से अलग कर दिया गया है। वहीं आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की बात सामने आई है और रेल प्रशासन घटना की जांच में जुट गई है। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना में यात्रियों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पानी और भरे हुए अग्निशमन सिलेंडर मिल जाते, तो नुकसान को बेहद कम किया जा सकता था।
इधर अमेरिका के इडाहो में एयर शो के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जहां माउंटेन होम एयर फोर्स बेस पर 'गनफाइटर स्काइज एयर शो' के दो अमेरिकी लड़ाकू विमान एक दूसरे से टकराकर क्रैश हो गए। टक्कर के बाद दोनों विमानों में भीषण आग लग गई और वह मले में तब्दील हो गए, लेकिन समय रहते दोनों विमानों के चालक दल के सभी चार सदस्य सुरक्षित रूप से बाहर (इजेक्ट) निकलने में कामयाब रहे। अधिकारियों के अनुसार, सभी पायलटों की हालत स्थिर है और सैन्य अड्डे पर मौजूद किसी भी दर्शक या नागरिक को चोट नहीं आई है। हादसा अमेरिका के स्थानीय समयानुसार रविवार दोपहर 12:30 बजे के करीब हुआ, जब दोनों फाइटर जेट हवा में कलाबाजियां दिखाते हुए एक दूसरे में लिपट से गए।
उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को खुली धमकी दी है। उन्होंने ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टूर्थ सोशलपर पोस्ट में लिखा “ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है। उन्हें बहुत जल्दी कदम उठाना होगा, वरना उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा। समय बेहद महत्वपूर्ण है।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने यह टिप्पणी इजराइल के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के बाद की। माना जा रहा है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति अपना रहा है। डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद नेतन्याहू ने अपने करीबी मंत्रियों के साथ एक सुरक्षा बैठक भी की। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच जंग रोकने के लिए बातचीत चल रही है। लेकिन ईरान ने जो शर्तें रखी है उसे अमेरिका मानने को तैयार नहीं हैं। खासतौर पर अमेरिका का जोर है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम को बंद कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही को सामान्य करे।
इधर उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है। सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संवेदनशील जिलों पर विशेष निगरानी रखी जाए। वहीं सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। अस्पतालों में दवाओं, बेड और डॉक्टरों की उपलब्धता बनाए रखने के साथ एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रखने को कहा गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था और बिजली आपूर्ति बाधित न होने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मौसम विभाग ने बताया कि 19, 20 और 21 मई को प्रदेश के कई जिलों में भीषण लू चल सकती है। तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए योगी सरकार ने सभी जिलों को राहत और बचाव की तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
उधर भारतीय रेलवे की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का एक और मानवीय उदाहरण सामने आया है। ट्रेन संख्या 13246 में सफर कर रहे 6 महीने के एक बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने फौरन कार्रवाई करते हुए बच्चे को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। इस घटना की जानकारी दानापुर मंडल के डीआरएम के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर दी गई। एक्स पर पोस्ट के मुताबिक, बच्चे की हालत खराब होने की सूचना मिलते ही ट्रेन में मौजूद टीटीई धर्मवीर यादव ने तुरंत सक्रियता दिखाई और दानापुर कमर्शियल कंट्रोल को जानकारी दी। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने बिहार के मोकामा स्टेशन पर मेडिकल टीम की व्यवस्था कराई। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही एक डॉक्टर ने बच्चे का इलाज किया। रेलवे की इस त्वरित कार्रवाई से बच्चे को समय रहते उपचार मिल सका।
इधर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय को मंजूरी दे दी है। अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राष्ट्रपति ने सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को लागू करके सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 (भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) कर दी है, जिसने सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में और संशोधन किया है।" दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को संसद में सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन करके भारत के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या को वर्तमान 33 से बढ़ाकर 37 (भारत के मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करना है। कानूनी बिरादरी के सदस्यों ने इसका व्यापक रूप से स्वागत किया है और इसे सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बढ़ते लंबित मामलों और मुकदमों से निपटने के लिए एक समयोचित कदम बताया है।
उधर एक समय पर MBA या Law की पढ़ाई को तगड़ी कमाई की गारंटी माना जाता था। हालांकि, आज का सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब कंप्यूटर पर होने वाले सभी काम रोबोट या AI करने लगेंगे, तो इन पढ़ाई-लिखाई करने वालों का क्या होगा? इसे लेकर माइक्रोसॉफ्ट के AI चीफ मुस्तफा सुलेमान ने एक ऐसी बात कही है जिससे सबकी नींद उड़ गई है। उनका दावा है कि अगले 18 महीनों में ऑफिस में काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। उनके अनुसार अकाउंटिंग, कानून, मार्केटिंग और मैनेजमेंट जैसे सेक्टर्स में कंप्यूटर पर होने वाले ज्यादातर काम AI इंसानों से बेहतर करने लगेगा। वह दावा करते हैं कि सिर्फ डेढ़ साल में AI सबकी नौकरी खा जाएगा। मुस्तफा सुलेमान का कहना है कि बहुत जल्द ही AI आम इंसानी कोडर्स से बहुत बेहतर कोडिंग करने लगेगा। इस रफ्तार को देखकर ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI के मालिक सैम ऑल्टमैन भी हैरान और परेशान हैं। गौरतलब है कि सुलेमान माइक्रोसॉफ्ट के लिए एक ऐसा सुपर-स्मार्ट AI बनाने में जुटे हैं जो किसी दूसरी कंपनी पर निर्भर न हो। वो बताते हैं कि आने वाले समय में AI बनाना इतना आसान होगा जितना आज के दौर में कोई गाना या ब्लॉग बनाना। सुलेमान के मुताबिक, अगले 18 महीनों में AI का हर जगह कब्जा होगा यानी कि वह लगभग सभी काम कर पा रहा होगा। इससे बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां जाएंगी।
इधर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले पहले नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस वर्ष भारत सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कार पाने वालों में 19 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 16 लोगों को मरणोपरांत सम्मान दिया जाएगा। बता दें कि पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। वर्ष 1954 में शुरू किए गए ये पुरस्कार हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाते हैं।
अब उत्तराखण्ड की खबरों पर नजर डालते हैं, डॉयल 112 पर फोन कॉल कर एक व्यक्ति ने पुलिस को फोन कर हरिद्वार को बम से उड़ाने की धमकी देकर दहशत फैला दी। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को 12 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी का नाम सोहन सिंह रावत है, जो उत्तराखंड के पौड़ी जिले का रहने वाला है। आरोपी बार बार पुलिस को धमकी देकर हरिद्वार के हरकी पैड़ी समेत कई स्थानों को न सिर्फ बम से उड़ाने की धमकी दे रहा था, बल्कि पुलिस के साथ अभद्रता और कई बड़े वीआईपी का नाम लेकर गाली गलौज भी कर रहा था। कोतवाली नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर फोन कॉल करने में प्रयुक्त मोबाइल भी बरामद कर लिया।
इधर थराली विकासखंड के कैरा गांव में चाचा की अंत्येष्टि में गए भतीजे की पहाड़ी से पत्थर गिरने से मौत हो गई। हादसा रविवार दोपहर उस समय हुआ जब वह चिता के लिए गदेरे से लकड़ियां बटोर रहा था। ग्रामीण उसे लेकर थराली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वह 108 आकस्मिक वाहन में चालक था। पूर्व प्रधान कैरा मोहन सिंह ने बताया कि रविवार को हर्षपाल रावत के दिव्यांग भाई भोपाल रावत (50) की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। हर्षपाल का 30 वर्षीय बेटा दिग्विजय सिंह भी चाचा की अंत्येष्टि में शामिल होने ग्रामीणों के साथ पैतृक घाट कैराबगड़ प्राणमति गदेरे पहुंचा था। अचानक पहाड़ी से दिग्विजय के ऊपर एक पत्थर गिर गया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर बचाया नहीं जा सका।