भारत माता का वीर सपूत शहीद: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में उत्तराखंड के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने दिया बलिदान

A brave son of Mother India martyred: Lieutenant Bireshwar Goswami from Uttarakhand made the ultimate sacrifice in Rajouri, Jammu & Kashmir.

देवभूमि उत्तराखंड ने देश की रक्षा के लिए एक बार फिर अपने एक जांबाज बेटे को खो दिया है। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले राजौरी में चल रहे एक बड़े काउंटर-टेररिज्म (आतंकवाद विरोधी) अभियान के दौरान उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के निवासी और भारतीय सेना के युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी कर्तव्य पालन करते हुए शहीद हो गए हैं। सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने इस युवा अधिकारी की शहादत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। 

जानकारी के मुताबिक, लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी राजौरी के मंजाकोट इलाके में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन शेरोवाली' में शामिल थे। इस क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद पिछले कई दिनों से सेना का सघन सर्च ऑपरेशन चल रहा था। रविवार को बेहद दुर्गम और मुश्किल आपरेशनल ड्यूटी के दौरान लेफ्टिनेंट गोस्वामी का पैर फिसल गया और वे एक गहरी खाई में गिर गए, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पास में मौजूद साथी सैनिकों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत रेस्क्यू कर उन्हें खाई से बाहर निकाला, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि देश के इस वीर सपूत ने दम तोड़ दिया। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि राजौरी का यह हिस्सा भौगोलिक रूप से बेहद खतरनाक है। खड़ी चट्टानें, घने जंगल, ऊबड़-खाबड़ रास्ते और लगातार खराब हो रहा मौसम इस पूरे इलाके में सैन्य ऑपरेशन्स को कई गुना चुनौतीपूर्ण बना देते हैं। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और जान के जोखिम के बावजूद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी देश की सुरक्षा के लिए अग्रिम मोर्चे पर मुस्तैद थे। सेना के मुताबिक, शहीद ऑफिसर बीरेश्वर गोस्वामी के पार्थिव शरीर को सबसे पहले जम्मू एयर फोर्स स्टेशन लाया जाएगा। वहां सेना और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जवान और गणमान्य नागरिक उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद, उनके पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक निवास अल्मोड़ा भेजा जाएगा, जहां राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की शहादत पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि देश उनके इस सर्वोच्च बलिदान को हमेशा याद रखेगा। युवा अधिकारी के शहीद होने की खबर से अल्मोड़ा सहित पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है।