अलविदा जनरल साहब: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने खंडूड़ी को दी श्रद्धांजलि,बोले-देश ने खो दिया एक विशिष्ट सैनिक और असाधारण राजनेता,केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी समेत कई दिग्गज नेताओं के हरिद्वार पहुंचने की सूचना

Farewell, General: Vice President C.P. Radhakrishnan pays tribute to Khanduri, stating that the nation has lost a distinguished soldier and an exceptional statesman; reports indicate that several pro

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, प्रखर राजनेता और भारतीय सेना के जांबाज पूर्व मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि.) अब हमारे बीच नहीं रहे। मंगलवार सुबह 11:10 बजे 91 वर्ष की आयु में उन्होंने देहरादून के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे देश और उत्तराखंड राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है, जिसके तहत आज बुधवार को प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय, निजी स्कूल और कार्यालय पूरी तरह बंद रहेंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।

पूर्व सीएम खंडूड़ी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज सुबह विशेष रूप से उनके बसंत विहार स्थित आवास पर पहुंचे। उपराष्ट्रपति ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, देश के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जनरल साहब का योगदान हमेशा मील का पत्थर रहेगा। उनके जाने से देश ने एक विशिष्ट सैनिक, बेहद सक्षम प्रशासक और असाधारण सत्यनिष्ठा वाले राजनेता को खो दिया है। गौरतलब है कि बीती 17 जनवरी को भी उपराष्ट्रपति ने देहरादून यात्रा के दौरान खंडूड़ी जी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की थी और लोकसभा में उनके साथ सहकर्मी के रूप में बिताए दिनों को याद किया था। मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ हरिद्वार के पवित्र खड़खड़ी घाट पर किया जाएगा। अंतिम विदाई के इस ऐतिहासिक और भावुक पल में शामिल होने के लिए देश के कई बड़े राजनेताओं का जमावड़ा हरिद्वार में लग रहा है। ताजा सूचना के अनुसार, देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सहित केंद्र व राज्य के कई वरिष्ठ मंत्रियों और वीआईपी नेताओं के हरिद्वार पहुंचने की पुष्टि हो चुकी है। पारिवारिक और अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, जनरल खंडूड़ी पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बीते 1 अप्रैल को आंतों में रक्तस्राव (ब्लीडिंग) की शिकायत के बाद उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले 49 दिनों से वे विशेषज्ञ डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में थे और जीवन के लिए संघर्ष कर रहे थे। मंगलवार सुबह अचानक उन्हें हल्का दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) आया, जिसके बाद डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। जनरल खंडूड़ी को उनकी बेदाग छवि, कड़क अनुशासन और उत्तराखंड के विकास के प्रति उनकी दूरदृष्टि के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ रही भीड़ इस बात का गवाह है कि वे जनता के दिलों में कितनी गहरी पैठ रखते थे।