नैनीतालः हाईप्रोफाइल ब्लैकमेल केस! 12 घंटे से पुलिस की कस्टडी में व्यापारी नेता नरेश पाण्डे, पूछताछ जारी

Nainital: High-profile blackmail case! Business leader Naresh Pandey has been in police custody for 12 hours, interrogation continues.

नैनीताल। नैनीताल जिले में चर्चित कथित यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग मामले को लेकर हिरासत में लिए गए भवाली निवासी व्यापारी नेता नरेश पाण्डे से पुलिस की पूछताछ लगातार जारी है। सूत्रों की मानें तो नरेश पाण्डे 12 घंटे से पुलिस की कस्टडी में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। इधर उनके कथित बाउंसरों से भी भवाली पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं मामले में युवती से पूछताछ के बाद फिलहाल उसे घर भेजने की जानकारी सामने आई है। बता दें कि मल्लीताल कोतवाली में दर्ज एफआईआर के बाद मंगलवार को पुलिस ने व्यापारी नेता एवं स्वयं को समाजसेवी बताने वाले नरेश पांडे को हिरासत में लिया था। मामले को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मल्लीताल कोतवाली में एक युवती द्वारा तहरीर दी गई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति द्वारा उसका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। युवती की शिकायत के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसएसपी के अनुसार, जांच के दौरान कई हैरान करने वाली जानकारियां लोगो के द्वारा सामने आईं। स्थानीय लोगों और भीमताल.भवाली क्षेत्र के निवासियों से मिली सूचनाओं में दावा किया गया कि आरोपी महिलाओं को आगे कर कुछ पुरुषों से संबंध बनवाता था और बाद में उनके वीडियो बनाकर उन्हें तथा उनके परिवारों को ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि यह पूरा मामला संगठित ब्लैकमेलिंग रैकेट के रूप में संचालित किया जा रहा था। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर मंगलवार सुबह मल्लीताल पुलिस ने मुख्य आरोपी नरेश पांडे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। एसएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से भी विभिन्न मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नरेश पांडे कथित तौर पर चार लोगों को अवैध रूप से बाउंसर के रूप में अपने साथ रखता था। एसएसपी ने कहा कि इन तथाकथित बाउंसरों को भी पुलिस थाने लेकर आई है और उनसे पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग आरोपी के लिए दबाव बनाने और लोगों को डराने का काम करते थे।