पांच देशों के विदेश दौरे के अंतिम पड़ाव पर रोम पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय प्रवासियों ने किया पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक विदेश दौरे के अंतिम चरण में मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंचे। रोम की धरती पर कदम रखते ही पीएम मोदी का न केवल कूटनीतिक स्तर पर बेहद गर्मजोशी से स्वागत हुआ, बल्कि वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों और स्थानीय इतालवी कलाकारों ने भी उनके आगमन को एक उत्सव में बदल दिया।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कूटनीतिक प्रोटोकॉल से परे जाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर पीएम मोदी के साथ एक बेहद आत्मीय तस्वीर साझा की। मेलोनी ने लिखा, “रोम में आपका स्वागत है मेरे दोस्त।” इस पोस्ट के साथ उन्होंने दोनों वैश्विक नेताओं की प्रतिष्ठित ऐतिहासिक इमारत 'कोलोसियम' के सामने खिंचवाई गई एक पुरानी तस्वीर भी साझा की, जो दोनों देशों के बीच की गहरी व्यक्तिगत और रणनीतिक केमिस्ट्री को बयां करती है। पीएम मोदी जब अपने होटल पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद सैकड़ों प्रवासी भारतीयों ने 'भारत माता की जय' और 'मोदी-मोदी' के नारों के साथ आसमान गुंजा दिया। होटल के परिसर में प्रधानमंत्री के स्वागत में विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। इस दौरान एक बेहद भावुक कर देने वाला पल तब आया जब एक स्थानीय बच्चे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हाथों से बनाई हुई उनकी एक खूबसूरत तस्वीर (स्केच) भेंट की। पीएम मोदी ने बड़ी आत्मीयता से उस बच्चे से बात की और उसकी बनाई पेंटिंग पर अपना ऑटोग्राफ देकर उसे जीवनभर की पूंजी सौंप दी। इस दौरे की एक सबसे बड़ी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उपलब्धि तब रेखांकित हुई जब भारतीय समुदाय की वरिष्ठ सदस्य स्वामिनी शुद्धानंदा घिरी ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की। 2021 के बाद पीएम मोदी से यह उनकी दूसरी मुलाकात थी। मुलाकात के बाद भारतीय समुदाय के अन्य सदस्यों ने कहा कि पीएम मोदी से मिलना उनके जीवन का सबसे खास पल था। प्रधानमंत्री ने सभी प्रवासियों को एकजुट रहने और मिलकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।इस सांस्कृतिक मिलन समारोह में पीएम मोदी ने एक इतालवी चित्रकार द्वारा बनाई गई वाराणसी (काशी) के घाटों की एक भव्य पेंटिंग देखी। उस कलाकार ने प्रधानमंत्री की विनम्रता की तारीफ करते हुए कहा “यह पेंटिंग एक इतालवी कलाकार की नजरों और भारत की जीवंत, रंगीन संस्कृति के बीच एक पुल की तरह है। पीएम मोदी इतने विनम्र हैं कि उन्होंने मुझसे हाथ मिलाया और पूछा कि इसे बनाने में कितना समय लगा। मैं भारत और उसकी संस्कृति से प्रेम करता हूं। इसके साथ ही, स्वागत समारोह में संगीतकारों के एक समूह ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के 'राग हंसध्वनि' पर आधारित एक शानदार पारंपरिक धुन प्रस्तुत की। कलाकारों ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के सामने प्रदर्शन करना ऊर्जा और प्रेरणा से भर देने वाला अनुभव था, और वे पूरे यूरोप में भारतीय कला एवं मूल्यों का प्रसार करना चाहते हैं। पीएम मोदी की यह यात्रा सिर्फ सांस्कृतिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे पर भी बेहद अहम है। दोनों देश वर्तमान में '2025-2029 संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना' के तहत द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। रोम पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस पांच देशों के तूफानी दौरे के चौथे चरण में नॉर्वे का दौरा किया था। नॉर्वे से पहले उन्होंने स्वीडन, नीदरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात की भी सफल यात्राएं कीं, जहां कई ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि इटली के साथ भारत की यह रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में यूरोप में भारत के कदमों को और मजबूत करेगी।