उत्तराखंड में मिनिस्ट्रियल कर्मियों की मांग हुई पूरी! मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को राजपत्रित अधिकारी का मिलेगा दर्जा
उत्तराखंड में मिनिस्ट्रियल कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को आखिरकार सरकार ने मान लिया है। इसको लेकर पहले भी सहमति हो गई थी, लेकिन अब शासन स्तर पर इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार अब मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जाएगा।
दरअसल उत्तराखंड में मिनिस्ट्रियल कर्मियों की तमाम मांगों के साथ ही एक मांग यह भी थी कि मिनिस्टर संवर्ग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जाए। इस मामले को लेकर लंबे समय से मिनिस्टर कर्मियों की कई दौर की बातचीत भी उच्चाधिकारियों के साथ हुई थी। अच्छी बात ये है कि अब इस मांग को शासन ने पूरा कर दिया है और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अब राजपत्रित अधिकारी के दर्जे में शामिल हो गया है। बताया जा रहा है कि इस नए आदेश के बाद अब विभिन्न विभागों में जितने भी मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद हैं उन सभी को इसका लाभ मिल सकेगा। हालांकि इस आदेश से राज्य पर किसी भी तरह का वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा लेकिन राजपत्रित अधिकारी के रूप में जो लाभ दिए जाते हैं वो लाभ अब मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पद के अफसर को मिल सकेगा। वहीं शासन की ओर से जारी आदेश में उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रियल सर्विसेज एसोसिएशन की मांग के अनुसार राज्य सरकार ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के पद पर पदोन्नति के लिए पात्रता अवधि 25 वर्ष के स्थान पर 22 वर्ष करने का भी गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इससे पहले मिनिस्ट्रीयल संवर्ग की मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने व्यवस्था में जल्द बदलाव करने का आश्वासन दिया था।