देहरादून हत्याकाण्डः सगा भाई ही निकला कातिल! बड़े भाई को गोली मारकर हाईवे पर प्रदर्शन करने बैठा, नशे और बदले की आग में छोटे भाई ने ली वकील की जान

Dehradun Murder Case: Biological brother turns out to be the killer! After shooting his elder brother, he sat on the highway to stage a protest; driven by intoxication and a thirst for revenge, the y

देहरादून। राजधानी देहरादून के पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित भुड्डी गांव में हुई अधिवक्ता सोहेल हारून की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड ने न केवल पूरे शहर को झकझोर दिया, बल्कि रिश्तों की बुनियाद पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि सोहेल हारून की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उनके ही 21 वर्षीय छोटे भाई शाहिद हारून ने की थी। पुलिस के अनुसार नशे की लत, फिजूलखर्ची और पैसों के विवाद ने इस हत्याकांड की नींव रखी। आरोपी शाहिद अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए परिवार से लगातार पैसे मांगता था। कुछ समय पहले उसने अपने पिता के बैंक खाते से एटीएम के जरिए करीब 10 लाख रुपये निकालकर खर्च कर दिए थे। इस बात को लेकर बड़े भाई सोहेल हारून और शाहिद के बीच अक्सर विवाद होता था। सोहेल उसे गलत आदतों से दूर रहने की नसीहत देते थे और कई बार उसकी हरकतों पर नाराजगी भी जताते थे। बताया गया कि कुछ दिन पहले दोनों भाइयों के बीच इसी बात को लेकर गंभीर झगड़ा हुआ था, जिसमें सोहेल ने शाहिद की पिटाई भी कर दी थी। इसी घटना के बाद शाहिद ने अपने बड़े भाई को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि घटना से दो दिन पहले शाहिद ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बंद कर दी थी। 14 जून की रात उसने अपने पास मौजूद 32 बोर की देशी पिस्टल से बड़े भाई सोहेल हारून को गोली मार दी। गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल सोहेल को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को सुहान नामक व्यक्ति के माध्यम से मिली थी। प्रारंभिक जांच में शाहिद ने दावा किया कि कोई अज्ञात हमलावर घर में घुसा और उसके भाई को गोली मारकर फरार हो गया। लेकिन पुलिस को उसके बयान लगातार बदलते और संदिग्ध लग रहे थे। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर पुलिस ने घर और आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की। जांच में यह तथ्य सामने आया कि घटना के दौरान कोई भी बाहरी व्यक्ति घर में प्रवेश नहीं किया था। वहीं घर के कैमरे चालू होने के बावजूद उनकी रिकॉर्डिंग डिलीट की जा चुकी थी, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। मामले में निर्णायक मोड़ तब आया जब पुलिस ने घर का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान बाथरूम में छिपाकर रखी गई 32 बोर की देशी पिस्टल बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने शाहिद को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने बड़े भाई से नाराज था और बदला लेने के उद्देश्य से उसने हत्या की योजना बनाई थी। हत्या के बाद उसने पुलिस और लोगों को गुमराह करने के लिए एक झूठी कहानी गढ़ी। इतना ही नहीं, उसने ग्रामीणों के साथ मिलकर मृतक के शव को देहरादून.पोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर प्रदर्शन और जाम लगाने की कोशिश भी की, ताकि पुलिस जांच किसी अन्य दिशा में भटक जाए और उस पर शक न हो। हालांकि पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों ने आरोपी की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। हत्या की घटना के मात्र 10 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि हत्या के मामले में आरोपी शाहिद हारून को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर जाम लगाने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने के मामले में भी संबंधित लोगों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया गया है। इस हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नशे की लत, लालच और पारिवारिक विवाद किस तरह रिश्तों को खत्म कर सकते हैं। जिस भाई के साथ बचपन बीता, उसी ने बदले और गुस्से में अपने बड़े भाई की जिंदगी छीन ली।