धामी कैबिनेट की आज महत्वपूर्ण बैठक: 22 हजार उपनल कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के लिए आ सकता है बड़ा फैसला,बॉन्ड नीति में भी बदलाव संभव

Crucial meeting of the Dhami Cabinet today: A major decision regarding 22,000 UPNL and contractual employees may be announced; changes to the bond policy are also possible.

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज (शुक्रवार) दोपहर 12:30 बजे से सचिवालय में प्रदेश मंत्रिमंडल की एक बेहद अहम बैठक होने जा रही है। आगामी मानसून सत्र के लिहाज से यह बैठक अत्यंत खास मानी जा रही है, क्योंकि इसमें सत्र की तिथियों और स्थान को लेकर अंतिम रूप दिए जाने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश के हजारों कर्मचारियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर सरकार मुहर लगा सकती है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक कई अहम फैसलों के कारण बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोपहर 12:30 बजे शुरू होने वाली इस कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों, स्वास्थ्य, विधानसभा और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। खास तौर पर 22 हजार उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और एमबीबीएस डॉक्टरों की नई बॉन्ड नीति पर सबकी नजरें टिकी हैं। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव उपनल कर्मचारियों से जुड़ा माना जा रहा है। सरकार द्वारा गठित उप समिति ने अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि 15 अक्टूबर 2024 तक विभिन्न विभागों में नियुक्त उपनल कर्मचारियों को 1 मार्च 2026 से 'समान कार्य, समान वेतन' का लाभ दिया जाए। यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो राज्य के करीब 22 हजार उपनल कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिलेगा। लंबे समय से इस मांग को लेकर कर्मचारी संगठन आंदोलन कर रहे थे। स्वास्थ्य विभाग का एक अहम प्रस्ताव भी कैबिनेट के एजेंडे में शामिल है। इसके तहत राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए सेवा बॉन्ड की शर्तों को और सख्त किया जा सकता है। प्रस्ताव के अनुसार, सरकारी मेडिकल कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने वाले डॉक्टरों को पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) में प्रवेश लेने से पहले पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में कम से कम तीन वर्ष तक अनिवार्य सेवाएं देनी होंगी। सरकार का मानना है कि इससे पहाड़ी क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी और सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। बैठक में प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी चर्चा के लिए रखा जा सकता है। यदि इस पर सकारात्मक फैसला होता है तो वर्षों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हजारों कर्मचारियों को राहत मिल सकती है। इसके अलावा आगामी विधानसभा मानसून सत्र की तिथि और आयोजन स्थल को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा होने की संभावना है। सरकार मानसून सत्र के एजेंडे और विधायी कार्यों की रूपरेखा को अंतिम रूप दे सकती है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में स्वास्थ्य, कार्मिक, कौशल विकास, परिवहन और अन्य विभागों से जुड़े कई प्रशासनिक एवं विकासात्मक प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें जनहित योजनाओं, सेवा नियमों और विभागीय सुधारों से संबंधित फैसले लिए जा सकते हैं। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह कैबिनेट बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके निर्णयों का सीधा असर कर्मचारियों, युवाओं, चिकित्सा व्यवस्था और विधानसभा के आगामी सत्र की तैयारियों पर पड़ेगा। प्रदेशभर की निगाहें अब धामी सरकार की इस बैठक पर टिकी हैं, जहां कई लंबे समय से लंबित मुद्दों पर बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।