भारत-चीन सीमा के पोलिंग बूथों का जायजा लेने उत्तरकाशी पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
उत्तरकाशी। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनावी तैयारियों को जमीनी स्तर पर परखने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार उत्तराखंड के सीमांत जिले उत्तरकाशी पहुंचे हैं। वे यहां भारत-चीन सीमा से सटे अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्गम पोलिंग बूथों का निरीक्षण करेंगे। साथ ही, क्षेत्र में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति का भी जायजा लेंगे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सीमांत क्षेत्र के झाला हेलीपैड पर पहुंचने पर उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम और अपर जिला मजिस्ट्रेट मुक्ता मिश्र ने उन्हें पौध भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। झाला हेलीपैड पर संक्षिप्त स्वागत कार्यक्रम के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त बिना समय गंवाए सीधे सीमांत गांव हर्षिल के लिए रवाना हो गए। हर्षिल का यह क्षेत्र सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है। मुख्य चुनाव आयुक्त यहाँ स्थापित पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा, पहुंच और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा करेंगे। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में हर एक मतदाता तक लोकतंत्र की पहुंच सुनिश्चित करना इस दौरे का मुख्य उद्देश्य माना जा रहा है। हर्षिल में पोलिंग बूथ का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम का भी रुख करेंगे। वहां वे न सिर्फ दर्शन करेंगे, बल्कि धाम के आसपास की व्यवस्थाओं और चुनावी तैयारियों का भी स्थलीय निरीक्षण करेंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त का यह दौरा सीमांत और सुदूरवर्ती क्षेत्रों के मतदाताओं को जागरूक करने और वहां की चुनावी मशीनरी को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। बर्फबारी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले इन क्षेत्रों में चुनाव संपन्न कराना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में खुद मुख्य निर्वाचन आयुक्त का जमीन पर उतरकर निरीक्षण करना अधिकारियों और स्थानीय कर्मठ कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम करेगा।