उत्तराखण्डः रेबीज से छात्र की मौत! 20 दिन में दूसरी घटना, दहशत में ग्रामीण! स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर

Uttarakhand: Student dies of rabies! Second such incident in 20 days; villagers in a state of panic! Health Department on alert.

पिथौरागढ़। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में रेबीज का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। बीडी पांडे जिला अस्पताल में भर्ती रेबीज पीड़ित आठवीं कक्षा के छात्र युवराज सिंह धामी की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिले में बीते 20 दिनों के भीतर रेबीज से यह दूसरी मौत है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि दोनों किशोरों को एक ही लावारिस श्वान के बच्चे ने काटा था। जानकारी के अनुसार, धारचूला के जुम्मा गांव निवासी युवराज सिंह धामी पुत्र रवीन्द्र सिंह धामी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक युवराज में रेबीज के स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे थे। कभी वह सामान्य व्यवहार कर रहा था तो कभी अचानक आक्रामक हो जाता था। उसे हवा और पानी से डर लगने लगा था, जो रेबीज संक्रमण के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उसके नमूने जांच के लिए दिल्ली भेजे थे। संक्रमण फैलने की आशंका के चलते उसे अस्पताल के आईसीयू में आइसोलेट कर विशेष निगरानी में रखा गया था। हालांकि चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद करीब 16 घंटे के उपचार के बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले जुम्मा गांव के बुंगा और टीलम तोक क्षेत्र में एक लावारिस श्वान के बच्चे ने कई ग्रामीणों और किशोरों पर हमला कर उन्हें काट लिया था। कुछ समय बाद उस श्वान की भी मौत हो गई थी। उस समय कई लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई थी, लेकिन अब उसी घटना से जुड़े किशोरों में रेबीज के मामले सामने आने लगे हैं। इससे पहले 23 मई को भी इसी गांव के एक किशोर की रेबीज संक्रमण से मौत हो चुकी है। उस किशोर की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और जिला अस्पताल में जांच के दौरान उसके रेबीज संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। भर्ती के अगले ही दिन उसने दम तोड़ दिया था।

अब दूसरी मौत के बाद पूरे गांव में भय और चिंता का माहौल है। ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बताया जा रहा है कि उस समय श्वान के बच्चे ने लगभग 10 लोगों को काटा था। ऐसे में अन्य प्रभावित लोगों की भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा निगरानी की जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. एस.एस. नबियाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि किशोर की मौत रेबीज संक्रमण के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को श्वान ने काटा था, उनकी पहचान कर स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी जानवर के काटने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें और एंटी रेबीज वैक्सीन अवश्य लगवाएं। लगातार दो मौतों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि रेबीज एक घातक बीमारी है और लक्षण उभरने के बाद मरीज को बचा पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण ही इसका सबसे प्रभावी बचाव है। जुम्मा गांव में दो किशोरों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से प्रभावित लोगों की व्यापक जांच तथा जागरूकता अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।