14 हज़ार फीट की ऊंचाई पर थमी सांसे: इंडिगो विमान का इंजन फेल, गोवा में कराई गई 'फुल इमरजेंसी' लैंडिंग
गोवा। मंगलवार सुबह गोवा से दिल्ली के लिए रवाना हुई इंडिगो की एक फ्लाइट में उस समय हड़कंप मच गया जब हवा में अचानक विमान के एक इंजन ने काम करना बंद कर दिया। समुद्र तल से लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे इस विमान में आई तकनीकी खराबी के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी। हालांकि, पायलटों की तत्परता और सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और विमान को गोवा हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया।
इंडिगो की एक फ्लाइट में उड़ान के दौरान इंजन में खराबी की सूचना मिलने से मंगलवार को हड़कंप मच गया। गोवा से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 2102 को तकनीकी समस्या के बाद वापस गोवा एयरपोर्ट लौटना पड़ा। स्थिति को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने कुछ समय के लिए फुल इमरजेंसी घोषित कर दी। हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्री सकुशल बाहर निकल आए। जानकारी के मुताबिक फ्लाइट ने मंगलवार सुबह करीब 9:16 बजे गोवा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान के एक इंजन में खराबी की सूचना सामने आई। इसके बाद पायलट ने विमान को वापस गोवा की ओर मोड़ दिया। विमान की स्थिति को देखते हुए एटीसी ने करीब 9:30 बजे फुल इमरजेंसी घोषित कर दी। एविएशन ट्रैकर फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों के अनुसार, गोवा लौटते समय विमान दक्षिणी महाराष्ट्र के तट के ऊपर से गुजर रहा था। एयरपोर्ट की ओर मुड़ते समय विमान करीब 14,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इंजन में खराबी की खबर के बाद यात्रियों और विमान चालक दल के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। विमान ने सुबह करीब 9:51 बजे रनवे 28 पर सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद उसे स्टैंड नंबर छह पर पूरी तरह पार्क किया गया। करीब 10:03 बजे एयर ट्रैफिक सिस्टम ने फुल इमरजेंसी समाप्त कर दी। लैंडिंग के बाद विमान में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। यात्रियों को कुछ समय के लिए बोर्डिंग एरिया में ठहराया गया। विमान की तकनीकी जांच और परिचालन संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए दिल्ली जाने वाली उड़ान का समय बदलकर दोपहर 3:30 बजे कर दिया गया। फिलहाल इंजन में किस तरह की तकनीकी खराबी आई थी, इसकी विस्तृत जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है। विमान की तकनीकी जांच के बाद ही खराबी के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। इस घटना ने एक बार फिर उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी की स्थिति में पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और ग्राउंड टीम के बीच बेहतर समन्वय की अहमियत को सामने ला दिया। हालांकि विमान की सुरक्षित वापसी और लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।