बड़ी खबरः SIR विवाद ने पकड़ा सियासी तूल, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी! राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप, देशभर में प्रदर्शन का ऐलान
नई दिल्ली। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को लेकर जारी विवाद अब चुनाव आयोग के भीतर की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी कार्रवाई तक पहुंच गया है। कांग्रेस ने गुरुवार को विपक्षी दलों से संपर्क कर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस लाने की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह नोटिस अगले दो सप्ताह के भीतर पेश किया जा सकता है। कांग्रेस ने अपनी राज्य इकाइयों को 25 सितंबर को राज्य निर्वाचन आयोगों के कार्यालयों तक विरोध मार्च निकालने का निर्देश भी दिया है। पार्टी की ओर से ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग किए जाने की बात सामने आई है। यह राजनीतिक कदम SIR प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों और चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की रिपोर्ट के बाद सामने आया है। विवाद की पृष्ठभूमि में द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट है। रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ये आपत्तियां SIR, नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने, चुनावी डेटा की सुरक्षा तथा चुनाव आयोग के आईटी सिस्टम से जुड़े फैसलों पर थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों पर यह सवाल उठाया कि उन्हें इसकी जानकारी या आवश्यक मंजूरी नहीं दी गई थी। रिपोर्ट में Form-6 के साथ जुड़े एक अतिरिक्त घोषणा-पत्र और मतदाता डेटाबेस तक पहुंच को लेकर भी आपत्तियों का उल्लेख है। हालांकि, ये दावे रिपोर्ट में दर्ज आंतरिक टिप्पणियों और दस्तावेजों पर आधारित हैं और इन पर चुनाव आयोग की अलग व्याख्या है।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि किसी संस्थान में अलग-अलग विचार और टिप्पणियां निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के मुताबिक, पिछले एक साल में चुनावी सुधारों और SIR समेत करीब 40 नई पहल पर पूर्ण आयोग ने सर्वसम्मति से फैसले लिए हैं। आयोग ने यह भी कहा कि केवल कुछ आंतरिक टिप्पणियों को सामने रखने से पूरी निर्णय प्रक्रिया की तस्वीर नहीं मिलती। Form-6 को लेकर सामने आए सवालों पर भी आयोग का पक्ष है कि फॉर्म में संशोधन नहीं किया गया, बल्कि उसके साथ एक घोषणा-पत्र जोड़ा गया। वहीं, ECINet और मतदाता डेटा के केंद्रीकरण से जुड़े सवालों पर आयोग ने साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए कहा है कि अधिकृत अधिकारियों को आवश्यक अधिकार उपलब्ध हैं।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर चुनाव आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार उपलब्ध जानकारी चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियों की ओर इशारा करती है और उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में इसे केवल मतदाता सूची का मुद्दा नहीं बताते हुए वोट, कानून और लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़कर कई आरोप लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका की जांच की मांग भी की। ये राजनीतिक आरोप हैं; चुनाव आयोग ने अतीत में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ जैसे आरोपों का खंडन किया है।
महाभियोग प्रस्ताव पर विपक्षी रणनीति
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस लाने पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, राज्यसभा में CEC को हटाने की मांग से जुड़ा एक पूर्व नोटिस भी लंबित है और विपक्ष अब नया नोटिस देने की तैयारी में है। इस पूरे घटनाक्रम से SIR को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। एक ओर विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची और CEC की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि आंतरिक विचार-विमर्श में मतभिन्नता सामान्य है और अंतिम फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। ऐसे में अब निगाहें प्रस्तावित महाभियोग नोटिस, 25 सितंबर के विरोध प्रदर्शनों और SIR से जुड़े आगे के न्यायिक एवं संवैधानिक घटनाक्रम पर रहेंगी।