उत्तराखण्डः रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल में विजिलेंस का छापा! 5 हजार की रिश्वत लेते ऑर्थोपेडिक्स सर्जन गिरफ्तार, विकलांगता प्रमाण पत्र के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप
रुद्रप्रयाग। विजिलेंस की टीम ने जिला अस्पताल में तैनात ऑर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ. अंकुर ठाकुर को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस के मुताबिक, डॉक्टर पर विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने के एवज में पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले की गोपनीय जांच की और शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर ट्रैप की कार्रवाई की। रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल में मंगलवार को विजिलेंस की टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि एक शिकायतकर्ता ने विजिलेंस के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायत की थी कि जिला अस्पताल में तैनात ऑर्थोपेडिक्स सर्जन डॉ. अंकुर ठाकुर विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने के एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देश पर ट्रैप टीम गठित की गई। विजिलेंस टीम ने जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग में नियोजित तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। विजिलेंस के अनुसार, जैसे ही शिकायतकर्ता ने डॉक्टर को पांच हजार रुपये दिए, टीम ने मौके पर डॉक्टर डॉ. अंकुर ठाकुर को रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। विजिलेंस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है।