Sep 26, 2026 Login

बेटियों ने फिर बढ़ाया मानः एशियन गेम्स में भारत की महिला कबड्डी टीम ने ईरान को हराकर जीत लिया गोल्ड

Daughters bring glory once again: India's women's kabaddi team wins gold at the Asian Games by defeating Iran.

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। आज 26 सितंबर को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। करीबी मुकाबले में दोनों टीमों के बीच आखिरी समय तक कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन निर्णायक पलों में भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य और संयम बनाए रखते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में चौथी बार स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले भारत ने 2010 के ग्वांगझू, 2014 के इंचियोन और 2022 के हांगझोउ एशियन गेम्स में महिला कबड्डी का गोल्ड मेडल जीता था। सिर्फ 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में भारतीय टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। उस फाइनल में भारत को ईरान के हाथों हार मिली थी। ऐसे में इस बार उसी प्रतिद्वंद्वी को हराकर स्वर्ण जीतना भारतीय टीम के लिए खास उपलब्धि बन गया। भारत और ईरान के बीच फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमों ने एक-दूसरे पर लगातार दबाव बनाए रखा और स्कोर में ज्यादा अंतर नहीं बनने दिया। ईरान की टीम ने कई मौकों पर भारतीय खिलाड़ियों को चुनौती दी और कुछ समय के लिए मुकाबले में बढ़त बनाने की स्थिति में भी नजर आई। हालांकि भारतीय टीम ने दबाव में अपना संतुलन नहीं खोया। जैसे-जैसे मुकाबला निर्णायक दौर में पहुंचा, भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति पर अमल करते हुए अहम अंक हासिल किए। ईरानी टीम की गलतियों का भी भारत ने फायदा उठाया और अंत में तीन अंकों के अंतर से मुकाबला जीत लिया।

अंपायरिंग के कुछ फैसलों पर उठे सवाल
फाइनल के दौरान अंपायर के कुछ फैसलों को लेकर भी सवाल उठे। एक मौके पर ईरानी डिफेंडर के टैकल के दौरान मिडलाइन पार करने की स्थिति बनी। ऐसे में भारत को अतिरिक्त अंक मिलने की बात कही गई, लेकिन अंपायर ने केवल भारतीय खिलाड़ी को आउट करार दिया। इसे लेकर भारतीय पक्ष की ओर से असहमति देखने को मिली। इसके अलावा मुकाबले के दौरान ईरानी खिलाड़ियों की ओर से किए गए कुछ रफ टैकल भी चर्चा में रहे। इन मौकों पर कार्ड नहीं दिखाए जाने को लेकर भी सवाल उठे। हालांकि इन परिस्थितियों के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने अपना फोकस बनाए रखा और मुकाबले को हाथ से निकलने नहीं दिया। मैच के अंतिम दौर में दोनों टीमों पर दबाव काफी बढ़ गया था। स्कोर लगातार करीब बना हुआ था और हर अंक महत्वपूर्ण हो चुका था। इसी दौरान ईरानी टीम से कुछ अहम गलतियां हुईं, जिसका भारतीय खिलाड़ियों ने फायदा उठाया। एक मौके पर ईरान की दो रेडर्स एक साथ कोर्ट में प्रवेश कर गईं। इस गलती से ईरानी टीम को नुकसान उठाना पड़ा और भारत को महत्वपूर्ण बढ़त हासिल करने का मौका मिला। भारतीय टीम ने इसके बाद अपने डिफेंस और रेडिंग में संयम बनाए रखा और मुकाबले को जीत की ओर ले गई।

भारतीय खिलाड़ियों ने दिखाया दम
भारतीय महिला टीम की जीत में सबसे अहम भूमिका दबाव के बीच संयम बनाए रखने की रही। करीबी स्कोर के बावजूद खिलाड़ियों ने जल्दबाजी नहीं की और निर्णायक पलों में जरूरी अंक हासिल किए। फाइनल की आखिरी सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ियों ने जीत का जोरदार जश्न मनाया और एरिना का चक्कर लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। जीत के बाद भारतीय टीम ने 'वंदे मातरम' का उद्घोष करते हुए स्वर्ण पदक की खुशी मनाई। खिलाड़ियों के चेहरे पर जीत की खुशी साफ नजर आई। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि भारत ने फाइनल में उसी ईरानी टीम को हराया, जिसके खिलाफ 2018 में उसे खिताबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय महिला कबड्डी टीम का एशियन गेम्स में शानदार रिकॉर्ड रहा है। 2010 ग्वांगझू, 2014 इंचियोन और 2022 हांगझोउ में भारत ने स्वर्ण पदक जीता था। 2018 जकार्ता में ईरान से हार के कारण भारत को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। अब 2026 में एक बार फिर ईरान को फाइनल में हराकर भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।