भाजपा का मिशन-2027ः 38 हजार कार्यकर्ताओं को दिया विशेष प्रशिक्षण! अब मोर्चा, प्रकोष्ठ और प्रदेश स्तर पर चलेगा महाअभियान
देहरादून। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने अगले चुनाव की चुनौतियों से मुकाबले के लिए प्रदेशभर में 38 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर तैयार किया है। मंडल और जिला स्तर पर प्रशिक्षण सत्र पूरे होने के बाद अब भाजपा जल्द ही मोर्चों, प्रकोष्ठों और प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन करने जा रही है। भाजपा द्वारा पंडित दीन दयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत पिछले दो माह से अधिक समय से प्रदेशभर में सांगठनिक स्तर पर व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इस अभियान का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति, चुनावी रणनीति और जनसंपर्क कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि आगामी चुनाव में पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सके। प्रदेश महामंत्री एवं प्रशिक्षण अभियान के प्रदेश संयोजक कुंदन परिहार ने बताया कि पार्टी संविधान के अनुसार देशभर में कार्यकर्ताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड भाजपा इकाई ने निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने सांगठनिक ढांचे के तहत सभी 304 मंडलों और 19 जिलों में प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक संपन्न कराए हैं। उन्होंने बताया कि 7 मार्च से 15 अप्रैल के बीच आयोजित मंडल स्तरीय प्रशिक्षण वर्गों में कुल 35,498 कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके अलावा जिला स्तर पर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक दक्षता और चुनावी प्रबंधन के गुर सिखाए गए हैं। इस प्रकार अब तक करीब 38 हजार कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि यह प्रशिक्षण अभियान कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी बनाएगा और वे जनता के बीच पार्टी की नीतियों एवं उपलब्धियों को मजबूती से पहुंचा सकेंगे। इसके साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को और सशक्त बनाने में भी यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रदेश महामंत्री और प्रशिक्षण अभियान के प्रदेश संयोजक कुंदन परिहार ने कहा कि मंडल और जिला स्तर के प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद अब जल्द ही मोर्चा, प्रकोष्ठ और प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में कार्यकर्ताओं को बदलते राजनीतिक परिदृश्य, विपक्ष की रणनीतियों का जवाब देने और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग सहित कई अहम विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा।