बंगाल विधानसभा चुनाव: पीएम मोदी का आह्वान,रिकॉर्ड वोटिंग की अपील,बोले-लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए आगे आएं मतदाता

Bengal Assembly Elections: PM Modi's Call—Appeals for Record Turnout; Says, "Voters Must Come Forward to Strengthen Democracy."

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण का आगाज होते ही सूबे की सियासत अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बुधवार सुबह से ही 142 सीटों पर मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं का हुजूम उमड़ पड़ा है। महीनों तक चले तीखे आरोप-प्रत्यारोप और धुआंधार प्रचार के बाद अब गेंद जनता के पाले में है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान के साथ सियासी मुकाबला अपने निर्णायक दौर में पहुंच गया है। महीनों से चल रहे आरोप-प्रत्यारोप, रैलियों और रणनीतियों के बाद अब जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लोकतंत्र की दिशा तय कर रही है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों, खासकर पश्चिम बंगाल के मतदाताओं से रिकॉर्ड मतदान करने की अपील की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश जारी करते हुए कहा कि दूसरे चरण का मतदान लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में मतदान कर लोकतंत्र को और सशक्त बनाएं। पीएम मोदी ने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं से आगे आकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन वर्गों की सक्रिय भागीदारी लोकतंत्र को अधिक जीवंत और प्रभावी बनाती है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी स्पष्ट किया कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि एक जागरूक नागरिक के रूप में हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह वोट डालकर देश के भविष्य के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। पीएम मोदी के अनुसार, ज्यादा मतदान से न केवल लोकतंत्र मजबूत होगा, बल्कि देश के विकास और पुनर्निर्माण में भी जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के तहत 142 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है, जहां कुल 1,448 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। राज्य की राजनीति इस समय बेहद गरमाई हुई है। एक ओर ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी के लिए प्रयासरत है, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी पहली बार बंगाल में अपनी सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत झोंक चुकी है। चुनावी माहौल में जहां राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा, वहीं अब मतदान के जरिए जनता अंतिम फैसला सुना रही है। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो लोकतंत्र के प्रति लोगों के उत्साह और जागरूकता को दर्शाती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक दिशा और भविष्य की नीतियों को भी तय करेगा। ऐसे में हर वोट की अहमियत और भी बढ़ जाती है। कुल मिलाकर, दूसरे चरण का मतदान लोकतंत्र के इस महापर्व का अहम हिस्सा बन चुका है। अब सभी की निगाहें मतदान प्रतिशत और आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि पश्चिम बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी। फिलहाल, प्रधानमंत्री के आह्वान के बीच मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर लोकतंत्र को मजबूत करने में जुटे हैं।