बद्रीनाथ धाम चढ़ावा घोटाला: सीसीटीवी में नोटों की गड्डियां छिपाते दिखा आरोपी कर्मचारी, देहरादून से गिरफ्तार

Badrinath Dham offering scam: Accused employee seen on CCTV hiding bundles of currency notes; arrested from Dehradun.

भू-वैकुंठ बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में हुई वित्तीय हेराफेरी के मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को पुलिस ने रविवार देर रात देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। करोड़ों देशवासियों की आस्था के केंद्र बदरीनाथ मंदिर में हुई इस धांधली के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस की विशेष टीम आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बदरीनाथ कार्यालय ला रही है। इस बीच, पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज के रूप में कई पुख्ता सबूत लगे हैं, जिसमें आरोपी खुलेआम नोटों की गड्डियां पार करते हुए दिखाई दे रहा है।

बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे के रखरखाव और बैंक जमा प्रक्रिया के दौरान वित्तीय अनियमितताओं (फाइनेंशियल फ्रॉड) की शिकायत सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जो लगातार आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। साक्ष्य जुटाने के बाद, रविवार रात करीब 11 बजे पुलिस ने पुख्ता इनपुट के आधार पर आरोपी को देहरादून से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने बद्रीनाथ उत्थान समिति (बीकेटीसी) से आंतरिक जांच रिपोर्ट और अन्य वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस के अनुसार बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की गिनती सामान्यतः 3 से 4 दिनों के अंतराल पर होती है। जांच टीम ने 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को हुई गणना के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जब रविवार को 25 जून की फुटेज की बारीकी से जांच की गई, तो उसमें आरोपी प्रमोद नौटियाल साफ तौर पर नोटों की गड्डी अपने साथ ले जाते हुए (चुराते हुए) कैमरे में कैद मिला। इससे यह साफ हो गया है कि यह हेराफेरी लंबे समय से सुनियोजित तरीके से चल रही थी। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इस पूरे घोटाले में प्रमोद नौटियाल अकेला था या मंदिर के कुछ अन्य लोग भी उसके साथ मिले हुए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि 2 जुलाई को जब चढ़ावे की अंतिम गणना हो रही थी, तब गणना कक्ष (काउंटिंग रूम) में आरोपी समेत 12 से अधिक लोग मौजूद थे। रविवार को पुलिस ने बीकेटीसी के कई कर्मचारियों के आधिकारिक बयान दर्ज किए। इसके साथ ही, गणना प्रक्रिया में शामिल होने वाले कुछ स्थानीय साधु-संतों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि उस दिन कमरे के भीतर की हर गतिविधि को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी प्रमोद नौटियाल से बदरीनाथ कार्यालय में सख्त पूछताछ की जाएगी। पूछताछ के आधार पर इस रैकेट से जुड़े अन्य संभावित चेहरों को बेनकाब किया जाएगा। मामले से जुड़े सभी बैंक ट्रांसफर, वित्तीय लेनदेन और मैन्युअल रिकॉर्ड्स की फॉरेंसिक और बारीकी से पड़ताल की जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी तथा आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।