चीन-पाक चुनौती के बीच बड़ा फैसला! बढ़ेगी वायुसेना की ताकत,114 राफेल विमान खरीदने की तैयारी में भारत 

Amidst the China-Pakistan challenge, a major decision! India is preparing to buy 114 Rafale aircraft to boost the strength of its Air Force.

नई दिल्ली। रक्षा बजट में हालिया बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार भारतीय वायुसेना की ताकत को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। इसी क्रम में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के फरवरी के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित भारत दौरे से पहले इस अहम रक्षा सौदे पर चर्चा तेज हो सकती है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये के इस प्रस्ताव को पिछले महीने रक्षा खरीद बोर्ड (डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड) से शुरुआती मंजूरी मिल चुकी है।

सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह रक्षा मंत्रालय की एक उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। मौजूदा क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को देखते हुए यह परियोजना भारतीय वायुसेना के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 फाइटर स्क्वाड्रन ही सक्रिय हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 स्क्वाड्रन की है। ऐसे में लड़ाकू विमानों की कमी लंबे समय से वायुसेना की परिचालन क्षमता को प्रभावित कर रही है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान-बांग्लादेश और पाकिस्तान-चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकियां भारत के लिए सुरक्षा चुनौती को और गंभीर बना रही हैं। इसी पृष्ठभूमि में 4.5 पीढ़ी के अत्याधुनिक मल्टीरोल लड़ाकू विमान राफेल को वायुसेना की दीर्घकालिक जरूरतों के समाधान के तौर पर देखा जा रहा है। प्रस्ताव के तहत खरीदे जाने वाले 114 राफेल विमानों में से करीब 80 प्रतिशत का निर्माण भारत में ही किया जाएगा। इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन और भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों के बीच औद्योगिक सहयोग प्रस्तावित है। योजना के अनुसार भारतीय वायुसेना को 88 सिंगल-सीटर और 26 ट्विन-सीटर राफेल विमान मिलेंगे, जिनमें से अधिकांश भारत में ही बनाए जाएंगे। यह सौदा पूरा होने के बाद भारतीय वायुसेना के पास कुल राफेल विमानों की संख्या बढ़कर करीब 150 हो जाएगी। इसके अलावा भारतीय नौसेना के पास भी 26 राफेल विमान होंगे, जिन्हें विशेष रूप से विमानवाहक पोत से संचालन के लिए अनुकूलित किया गया है। राफेल एक अत्याधुनिक 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशनों में सक्षम है। इसमें आधुनिक रडार, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें और अत्यधिक सटीक हथियार प्रणालियां लगी हैं। इसकी मल्टीरोल क्षमता और हर मौसम में संचालन की क्षमता इसे भारतीय वायुसेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 18 फरवरी को दिल्ली में प्रस्तावित एआई समिट में शामिल होने की संभावना है। ऐसे में उनके भारत दौरे से पहले इस बड़े रक्षा सौदे पर होने वाली चर्चाओं को भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।