दुर्लभ खगोलीय घटनाः आज शाम आसमान में होगी प्लेनेटरी परेड! एक कतार में होंगे 6 ग्रह, जानें अंतरिक्ष एजेंसियों ने क्यों दी चेतावनी

A rare astronomical event: A planetary parade will take place in the sky this evening! Six planets will line up in a row. Learn why space agencies have issued this warning.

नई दिल्ली। आज शनिवार शाम आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। सूर्यास्त के बाद 6 ग्रह एक कतार में होंगे। इस अद्भुत घटना को भारत के साथ ही दुनिया के कई देशों में देखा जा सकता है। खगोल विज्ञान के अनुसार जब सौरमंडल के बहुत से ग्रह एक कतार में आते हैं तो इसे प्लेनेटरी परेड का नाम दिया जाता है। वास्तविकता में दखें तो ग्रह एक सीध में नहीं होते लेकिन पृथ्वी पर देखने से यह प्रतीत होता है कि ग्रह एक कतार में हैं। शनिवार की शाम प्लेनेटरी परेड में बृहस्पति, शुक्र, बुध, शनि, यूरेनस और नेपच्यून ग्रह शामिल रहेंगे। यह दुर्लभ घटना सूर्यास्त के आधे घंटे बाद देखी जा सकती है। जानकारों के मुताबिक यह नजारा 28 फरवरी को सूर्यास्त के करीब 30 मिनट बाद साफतौर पर दिखाई देगा। दर्शक इस खगोलीय नजारे को देखने के लिए पश्चिम दिशा की ओर देखना होगा। भारत के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग अपने घरों की छत या किसी खुली जगह से इसे आसानी से देख सकते हैं। इस परेड में सबसे ज्यादा चमकीला ग्रह शुक्र होगा, जो पश्चिमी क्षितिज के नजदीक दिखाई देगा। शुक्र और बुध क्षितिज के काफी पास रहेंगे। शनि, बृहस्पति, यूरेनस और नेपच्यून अपेक्षाकृत ऊपर की ओर क्रम में दिखाई देंगे। हालांकि इस महीने मंगल ग्रह इस परेड का हिस्सा नहीं होगा, इसलिए इसे 6 ग्रह परेड कहा जा रहा है। यूरेनस और नेपच्यून को देखने के लिए दूरबीन या टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी। ग्रह और तारों में अंतर समझने के लिए एक सरल तरीका यह है कि, तारे टिमटिमाते हैं, जबकि ग्रह स्थिर प्रकाश के साथ चमकते हैं। आज की इस परेड में बृहस्पति अपनी तेज चमक की वजह से आसानी से पहचाना जा सकेगा। यह दक्षिणी आकाश में ओरायन नक्षत्र के नजदीक दिखाई देगा। 

सावधानी बरतने की जरूरत है?
अंतरिक्ष एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ग्रहों को देखने की कोशिश तभी करें जब सूर्य पूरी तरह से डूब चुका हो। ऐसे में सूर्य की ओर सीधे देखना आंखों के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है। शहरों में रहने वाले लोगों को जहां रोशनी प्रदूषण अधिक होता है, ऊंची इमारतों की छत या खुले स्थान की ओर जाना सही रहेगा, ताकि पश्चिमी आकाश में इस खगोलीय नजारे का आनंद उठाया जा सकें।