पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की अपील, कहा– युद्ध नहीं, बातचीत से निकले समाधान; विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार सतर्क
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हालात को गंभीर बताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के रास्ते पर लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का सैन्य टकराव क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित करता है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। भारत ने हमेशा से शांतिपूर्ण समाधान और कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया है, इसलिए मौजूदा स्थिति में बातचीत ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत सरकार विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत शांति बहाली के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।
इस बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम आपूर्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। साथ ही नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है, जिसके तहत छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के विकास में दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि खाड़ी देशों और संघर्ष प्रभावित इलाकों में रह रहे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की पूरी तैयारी की गई है। विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास लगातार नागरिकों के संपर्क में हैं और हालात के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी संकट की स्थितियों में भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए अभियान चलाए हैं और इस बार भी सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है।
मंत्री ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील करते हुए कहा कि सरकार हर स्थिति पर नजर रखे हुए है। युद्ध जैसे हालात में हवाई यात्रा जोखिमपूर्ण हो सकती है, इसलिए विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर ही आगे की कार्यवाही की जाएगी, ताकि किसी भी भारतीय की सुरक्षा से समझौता न हो।