आप को झटकाः वरिष्ठ कार्यकर्ता जितेंद्र फुलारा ने दिया इस्तीफा! सामाजिक सेवा की नई राह चुनने का ऐलान
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी को उस समय बड़ा झटका लगा, जब अन्ना आंदोलन से प्रेरित होकर पार्टी से जुड़े वरिष्ठ सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता जितेंद्र फुलारा ने इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन को नई दिशा देने का निर्णय लेते हुए किसी भी राजनीतिक दल से अलग रहकर समाज सेवा करने की बात कही है। जितेंद्र फुलारा लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय रहे हैं और उन्होंने दिल्ली, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जमीनी स्तर पर काम करते हुए उन्होंने आम जनता की आवाज उठाने और संगठन को विस्तार देने में उल्लेखनीय योगदान दिया। दिल्ली के बुराड़ी विधानसभा क्षेत्र में उनकी सक्रियता विशेष रूप से चर्चा में रही। यहां उन्होंने लगातार चार चुनावों में विधायक संजीव झा की जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा उन्होंने संगठन के भीतर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं, जिनमें दिल्ली प्रदेश में उत्तराखंड प्रकोष्ठ की स्थापना और प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व शामिल है। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में रह रहे उत्तराखंड मूल के लोगों को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने का काम भी किया। उनकी राजनीतिक सक्रियता केवल संगठनात्मक स्तर तक सीमित नहीं रही। वर्ष 2017 में उत्तराखंड के देहरादून में एक आंदोलन के दौरान उन्हें जेल भी जाना पड़ा, जो उनके संघर्ष और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वर्ष 2022 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में उन्होंने कुमाऊं क्षेत्र के प्रभारी के रूप में कार्य किया, जबकि 2023 में छत्तीसगढ़ चुनावों में जोन प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली। मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के ग्राम थापला के निवासी जितेंद्र फुलारा वर्तमान में दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में निवास करते हैं। उनके पास लगभग 15 वर्षों का कॉरपोरेट अनुभव भी है और वे एक अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन के साथ कार्य कर चुके हैं। अपने इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह उनका पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े बिना समाज सेवा, जनहित के मुद्दों को उठाने और उत्तराखंड की संस्कृति व मूल्यों को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने अपने सहयोगियों और समर्थकों से अपील की है कि वे उनके इस निर्णय का सम्मान करें और समाजहित के कार्यों में सहयोग बनाए रखें।