उत्तराखंड बोर्ड के 'फेल' छात्रों को संजीवनी: अब नहीं खराब होगा पूरा साल, एनआईओएस दे रहा है पास होने का सुनहरा मौका,30 मई तक करें आवेदन
देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में असफल रहे छात्रों के लिए आशा की एक नई किरण जगी है। अब परीक्षा में फेल होने का मतलब साल की बर्बादी नहीं होगा। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) ने ऐसे छात्रों को अपना शैक्षणिक सत्र बचाने के लिए 'स्ट्रीम-2' परीक्षा योजना के जरिए एक बड़ा अवसर प्रदान किया है। एनआईओएस की क्षेत्रीय निदेशक अनिता नायर ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है जो मुख्य बोर्ड परीक्षा में एक या एक से अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण हो गए हैं या जिनके अंक उम्मीद से कम रहे हैं। इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी 'क्रेडिट ट्रांसफर' की सुविधा है। इसके तहत छात्र अपने मूल बोर्ड (उत्तराखंड बोर्ड) के दो उत्तीर्ण विषयों के अंकों को सीधे एनआईओएस की मार्कशीट में जुड़वा सकते हैं। यानी छात्र को केवल शेष तीन विषयों की परीक्षा देनी होगी और वह पास होकर अपना साल बचा सकेगा। प्रशासन ने छात्रों की सुविधा को देखते हुए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 मई कर दी है। जो छात्र इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, वे एनआईओएस की आधिकारिक वेबसाइट www.nios.ac.in या sdmis.nios.ac.in पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। योजना के अनुसार, इन छात्रों के लिए परीक्षाएं इसी वर्ष अक्टूबर-नवंबर में आयोजित की जाएंगी। सबसे राहत की बात यह है कि परीक्षा का परिणाम दिसंबर के पहले सप्ताह तक घोषित कर दिया जाएगा। इससे छात्रों को आगे की पढ़ाई या अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज में प्रवेश लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उनका पूरा साल सुरक्षित रहेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से छात्रों के मानसिक तनाव में कमी आएगी और ड्रॉप-आउट दर को रोकने में मदद मिलेगी। जो छात्र निराशा में थे, उनके लिए यह अपनी योग्यता साबित करने का सबसे बेहतरीन मंच है।