आस्था और श्रद्धा का महासंगम: वैदिक मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों के बीच खुले द्वितीय केदार बाबा मध्यमहेश्वर के कपाट! हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी

A grand confluence of faith and devotion: Amidst chanting of Vedic mantras and thunderous chants of "Har Har Mahadev," the doors of the second Kedarnath temple, Baba Madhyamaheshwar, opened! Thousand

रुद्रप्रयाग। पंच केदारों में प्रमुख द्वितीय केदार श्री मध्यमहेश्वर धाम के कपाट आज विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं हेतु खोल दिए गए। कपाट खुलने के शुभ अवसर पर हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने और पूरा धाम “हर हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। केदारघाटी में न्याय के देवता के रूप में पूजे जाने वाले बाबा मध्यमहेश्वर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। जनपद स्थित विश्व प्रसिद्ध द्वितीय केदार मध्यमहेश्वर धाम के कपाट शुभ मुहूर्त में खोले गए। सुबह से ही धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। स्थानीय परंपराओं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा मध्यमहेश्वर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंच केदारों में मध्यमहेश्वर धाम में भगवान शिव के मध्य भाग यानी नाभि स्वरूप की पूजा की जाती है। यही कारण है कि इस धाम का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। केदारघाटी में बाबा मध्यमहेश्वर को न्याय के देवता के रूप में भी पूजा जाता है और श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं व न्याय की प्रार्थना लेकर यहां पहुंचते हैं। कपाट खुलने के अवसर पर मंदिर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। भक्तों ने बाबा के जयकारों के साथ दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गई थीं।