बुद्ध पूर्णिमा पर धर्मनगरी में आस्था का सैलाब: हरकी पैड़ी पर उमड़ी भारी भीड़, लाखों भक्तों ने लगाई 'मोक्ष' की डुबकी

A Deluge of Faith in the Holy City on Buddha Purnima: Massive Crowds Throng Har Ki Pauri; Millions of Devotees Take a Dip for 'Salvation'

हरिद्वार। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सुबह की पहली किरण के साथ ही देश के कोने-कोने से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। मान्यता है कि आज के दिन गंगा स्नान करने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि पितरों को शांति और भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा का दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज ही के दिन भगवान बुद्ध का अवतरण, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, आज चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में हैं, जिससे इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है। आज के दिन किया गया गंगा स्नान पूरे वैशाख मास के प्रतिदिन स्नान के समान फलदायी होता है। ज्योतिषियों ने आज के दिन खीर और स्वर्ण दान को विशेष लाभकारी बताया है, जिससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र को 8 जोन और 21 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। बीडीएस, डॉग स्क्वायड और सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्ट किए गए हैं और पार्किंग के लिए अलग स्थान निर्धारित किए गए हैं। हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण सुबह से ही हाईवे पर वाहनों का दबाव और जाम की स्थिति बनी रही। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। हरकी पैड़ी पर तिल रखने की भी जगह नहीं बची है। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि मां गंगा के दर्शन और स्नान से मिलने वाली शांति अद्वितीय है। प्रशासन के अनुसार, देर शाम तक स्नान का सिलसिला जारी रहेगा और लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।