एलियन के रहस्य से उठेगा पर्दा? व्हाइट हाउस ने हार्वर्ड के वैज्ञानिक एवी लोएब को सौंपी अहम जिम्मेदारी! रहस्यमयी UAP की होगी वैज्ञानिक पड़ताल

Will the mystery of aliens be unveiled? The White House has entrusted a crucial responsibility to Harvard scientist Avi Loeb! A scientific investigation into mysterious UAPs will be conducted.

नई दिल्ली। क्या ब्रह्मांड में पृथ्वी के अलावा भी कहीं जीवन मौजूद है? क्या आसमान में दिखाई देने वाली रहस्यमयी उड़ने वाली वस्तुएं (UFO) वास्तव में किसी एलियन सभ्यता की तकनीक हैं, या फिर इनके पीछे कोई सामान्य वैज्ञानिक कारण छिपा है? दशकों से दुनिया को उलझाने वाले इन सवालों के जवाब तलाशने की दिशा में अमेरिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। व्हाइट हाउस ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के चर्चित खगोलशास्त्री और कॉस्मोलॉजिस्ट एवी लोएब को नई वैज्ञानिक सलाहकार परिषद का प्रमुख नियुक्त किया है। यह परिषद रहस्यमयी उड़ने वाली वस्तुओं, जिन्हें अब आधिकारिक रूप से अनआइडेंटिफाइड एनोमलस फेनोमेना (UAP) कहा जाता है, की वैज्ञानिक और सुरक्षा संबंधी जांच करेगी। यह पहल ऐसे समय में की गई है, जब अमेरिका में UFO और एलियन जीवन से जुड़े मामलों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने की मांग लगातार तेज हो रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने भी इन मामलों से जुड़े अधिक से अधिक सरकारी दस्तावेज सार्वजनिक करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

क्या करेगी नई वैज्ञानिक सलाहकार परिषद?
व्हाइट हाउस द्वारा गठित इस वैज्ञानिक सलाहकार परिषद का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी सैन्य कर्मियों और अन्य एजेंसियों द्वारा देखी गई रहस्यमयी उड़ने वाली वस्तुओं की वैज्ञानिक जांच करना है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के पायलटों ने कई ऐसी घटनाओं की रिपोर्ट दी है, जिनमें तेज गति से उड़ने वाली या हवा में असामान्य तरीके से मंडराने वाली गोलाकार वस्तुएं दिखाई देने का दावा किया गया था। इन घटनाओं को पहले आमतौर पर UFO (Unidentified Flying Objects) कहा जाता था, लेकिन अब अमेरिकी सरकार इन्हें UAP (Unidentified Anomalous Phenomena) के नाम से संबोधित करती है। परिषद अपनी विस्तृत रिपोर्ट व्हाइट हाउस की नई UAP समिति को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की नीति और वैज्ञानिक अध्ययन तय किए जाएंगे।

एवी लोएब कौन हैं?
एवी लोएब दुनिया के प्रतिष्ठित खगोलशास्त्रियों में गिने जाते हैं। उन्होंने लंबे समय तक हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खगोल विज्ञान विभाग का नेतृत्व किया और ब्लैक होल, आकाशगंगाओं के निर्माण तथा ब्रह्मांड की उत्पत्ति से जुड़े विषयों पर सैकड़ों शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में वे एलियन जीवन की संभावनाओं पर अपने साहसिक दावों के कारण अधिक चर्चा में रहे हैं। वर्ष 2017 में पृथ्वी के पास से गुजरने वाली अंतरतारकीय वस्तु 'ओउमुआमुआ' (Oumuamua) को लेकर उन्होंने दावा किया था कि यह किसी एलियन अंतरिक्ष यान का हिस्सा या 'लाइट सेल' हो सकती है। हालांकि अधिकांश वैज्ञानिकों ने इसे प्राकृतिक खगोलीय पिंड, जैसे धूमकेतु या बर्फीली वस्तु, माना।

आलोचनाओं के बावजूद नहीं बदला रुख
लोएब के कई दावों को वैज्ञानिक समुदाय का व्यापक समर्थन नहीं मिला। अनेक विशेषज्ञों का मानना है कि वे पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाणों के बिना असाधारण निष्कर्ष प्रस्तुत करते हैं। इसके बावजूद लोएब अपने विचारों पर कायम हैं। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने कहा, "यह किसी जासूसी कहानी जैसा है। यह बेहद रोमांचक काम है, बशर्ते आप आलोचकों पर ज्यादा ध्यान न दें।" उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी टीम किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह मानकर जांच शुरू करेगी कि रहस्यमयी वस्तुएं मानव निर्मित भी हो सकती हैं। पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से देखा जाएगा और केवल वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाले जाएंगे।

टीम में शामिल हैं वैज्ञानिक और पूर्व सैन्य अधिकारी
लोएब की टीम में एक दर्जन से अधिक वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और पूर्व सैन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें अमेरिकी नौसेना के सेवानिवृत्त रियर एडमिरल टिमोथी गैलोडेट भी शामिल हैं। गैलोडेट पहले यह दावा कर चुके हैं कि कुछ UAP घटनाएं संभवतः "गैर-मानवीय बुद्धिमत्ता" से जुड़ी हो सकती हैं। टीम में प्रौद्योगिकी क्षेत्र के उद्यमी बेन लैम भी शामिल हैं, जो विलुप्त प्रजातियों को पुनर्जीवित करने से जुड़े वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। पहली बैठक के बाद समिति ने पेंटागन से UAP से जुड़े 50 से अधिक वीडियो, तस्वीरें और अन्य आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है, ताकि सभी मामलों का स्वतंत्र वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा सके।

ट्रंप प्रशासन ने बढ़ाई पारदर्शिता
इस वर्ष राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन को UFO और एलियन जीवन से जुड़े मामलों में अधिक पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पेंटागन ने कई पुराने और नए दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इनमें दशकों पुराने FBI रिकॉर्ड से लेकर हाल के सैन्य वीडियो भी शामिल हैं, जिनमें आसमान में तेज गति से उड़ती या मंडराती रहस्यमयी वस्तुएं दिखाई देती हैं। इसी पहल के तहत ऑफिस ऑफ द डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (ODNI) के अंतर्गत UAP गवर्नेंस बोर्ड का गठन किया गया है, जिसकी पहली बैठक जून में आयोजित की गई। एवी लोएब की सलाहकार परिषद भी इस बोर्ड के साथ मिलकर कार्य करेगी।

क्या सरकार छिपा रही है एलियन से जुड़े रहस्य?
अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सांसद लगातार यह मांग कर रहे हैं कि सरकार UFO और संभावित एलियन जीवन से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करे। कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने आरोप लगाया है कि सरकार वर्षों से इस विषय से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपा रही है। हालांकि पेंटागन के ऑल-डोमेन एनोमली रेजोल्यूशन ऑफिस (AARO) का कहना है कि अब तक किसी भी जांच में एलियन जीवन का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है। एवी लोएब भी सरकारी साजिश के सिद्धांतों से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है, "मेरे विचार से सरकार स्वयं इन रहस्यमयी घटनाओं की वास्तविक प्रकृति को पूरी तरह समझ नहीं पाई है।"

गैलीलियो प्रोजेक्ट और एलियन जीवन की खोज
हार्वर्ड विश्वविद्यालय में एवी लोएब ने गैलीलियो प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक उपकरणों की सहायता से संभावित एलियन सभ्यताओं के संकेतों की खोज करना है। वर्ष 2023 में उनकी टीम ने प्रशांत महासागर से धातु के सूक्ष्म गोलाकार कण एकत्र किए थे और दावा किया था कि ये संभवतः किसी दूरस्थ ग्रह या उन्नत तकनीक से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि कई वैज्ञानिकों ने इन्हें ज्वालामुखीय चट्टानों या औद्योगिक राख का हिस्सा बताया।

क्या मिलेगा सबसे बड़े सवाल का जवाब?
एलियन जीवन को लेकर अब तक कोई निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन अमेरिका की यह नई पहल इस विषय पर गंभीर वैज्ञानिक अध्ययन की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि यह समिति ठोस निष्कर्षों तक पहुंचती है, तो संभव है कि मानव सभ्यता के सबसे बड़े रहस्यों में से एक पर नई रोशनी पड़े। फिलहाल दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एवी लोएब और उनकी टीम आने वाले महीनों में अपनी जांच से क्या निष्कर्ष सामने लाती है।