पहाड़ से मैदान तक वनाग्नि का तांडव: बड़ेथी में हाईवे और बस्ती तक पहुंची जंगल की भीषण आग, गेस्ट हाउस से सुरक्षित निकाले गए 70 यात्री

Wildfire Rampage from Mountains to Plains: Fierce Forest Fire Reaches Highway and Settlement in Barethi; 70 Travelers Safely Evacuated from Guest House.

उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी और सूखे के बीच वनाग्नि (जंगल की आग) ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक जंगल धधक रहे हैं और अब यह आग बेकाबू होकर रिहायशी इलाकों, गांवों और राष्ट्रीय राजमार्गों तक पहुंचने लगी है। बीती देर रात उत्तरकाशी के बड़ेथी स्थित पोखु देवता मंदिर के समीप जंगलों में भीषण आग लग गई। तेज हवाओं के कारण लपटें तेजी से फैलते हुए आवासीय बस्ती और गंगोत्री नेशनल हाईवे के मुहाने तक जा पहुंचीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम फायर स्टेशन सेकेंड ऑफिसर (एफएसएसओ) नरेंद्र रावत के नेतृत्व में तत्काल मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। जंगल की आग इस कदर भयंकर थी कि हाईवे के पास स्थित एक गेस्ट हाउस को उसने चारों तरफ से घेर लिया। गेस्ट हाउस के कमरों में गाढ़ा और जहरीला धुआं भरने लगा, जिससे वहां ठहरे यात्रियों का दम घुटने लगा और उनकी जान पर बन आई। फायर ब्रिगेड की टीम ने अदम्य साहस और तत्परता का परिचय देते हुए गेस्ट हाउस में फंसे करीब 70 तीर्थयात्रियों/पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत और भारी जोखिम उठाकर कई घंटों बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। जंगलों की यह आग अब इंसानी जिंदगी के लिए काल बनने लगी है। चमोली जिले के कर्णप्रयाग (आदिबदरी क्षेत्र) में मंगलवार देर शाम बदाणगाड़ के जंगलों से उठी आग खेतों को अपनी चपेट में लेते हुए बूंगा गांव के रास्तों तक आ गई। इसकी चपेट में आने से गोशाला जा रही एक स्थानीय महिला की झुलसकर दर्दनाक मौत हो गई।

वनाग्नि के तांडव की कुछ अन्य खौफनाक तस्वीरें इस प्रकार हैं। कालसी के नागथात स्थित 'सरस्वती शिशु विद्या मंदिर' तक जंगल की आग पहुंच गई, जिससे स्कूल का कीमती फर्नीचर और अन्य सामग्रियां जलकर राख हो गईं। ग्रामीणों ने बमुश्किल आग को आगे बढ़ने से रोका। छिद्दरवाला में एक मधुमक्खी पालन प्लांट जंगल की आग की चपेट में आ गया, जिससे मधुमक्खियों के 150 बॉक्स जलकर नष्ट हो गए। अगस्तमुनि नगर पंचायत के धान्यू क्षेत्र में रिहायशी मकानों और गोशालाओं तक लपटें पहुंच चुकी हैं। मोरी क्षेत्र के देवती गांव में देर रात एक दो मंजिला मकान में आग लग गई, जिसमें मकान मालिक गंभीर रूप से झुलस गया और घर में रखी नकदी, कपड़े व सारा सामान खाक हो गया। गढ़वाल मंडल के नई टिहरी, पौखाल, लैंसडौन और पौड़ी समेत एक दर्जन से अधिक स्थानों पर सात से ज्यादा बड़ी वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गई हैं। लैंसडौन के फरसूला में करीब चार हेक्टेयर वन संपदा जल गई। पौड़ी और चमोली के आसमान में धुएं का भारी गुबार छाया हुआ है, जिससे दृश्यता (विजिबिलिटी) कम हो गई है। अस्पतालों में आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और एलर्जी के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस बीच प्रशासन ने जंगलों में जानबूझकर आग लगाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कोटद्वार के कल्जीखाल के जंगलों में अवैध रूप से आग लगाने के आरोप में पुलिस ने दो अराजक तत्वों को गिरफ्तार किया है। वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जंगलों को बचाने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।