उत्तराखण्ड टनल हादसा: मलबा-पानी के सैलाब में दबे मजदूर! तीन की मौत की खबर, अचानक भरभराकर गिरा मलबा और मच गया हड़कंप

Uttarakhand Tunnel Accident: Workers trapped under a deluge of debris and water! Three reported dead; panic ensued as the debris suddenly came crashing down.

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में बृहस्पतिवार देर शाम निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टेल रेस टनल (टीआरटी) में बड़ा हादसा हो गया। टनल के भीतर सरिया वेल्डिंग और बांधने का काम चल रहा था, तभी करीब 150 मीटर दूर भारी भूस्खलन हो गया। भूस्खलन के बाद पानी, पत्थर और भारी मात्रा में मलबा तेज गति से टनल के अंदर घुस आया। अचानक आए मलबे की चपेट में वहां काम कर रहे कई मजदूर आ गए। हादसे में तीन मजदूरों की मौत होने की सूचना है, हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है। हादसे में कई अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है। देर रात तक कुछ मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका बनी हुई थी। खबरों के मुताबिक हादसा शाम करीब 6 बजकर 10 मिनट पर हुआ। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के साथ एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना समेत अन्य संबंधित राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गए। टनल के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया। रात करीब नौ बजे तक 13 घायल मजदूरों को टनल से सुरक्षित बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया। राहत एवं बचाव टीमें लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे संभावित मजदूरों की तलाश में जुटी रहीं। हादसे के बाद बाहर निकाले गए छत्तीसगढ़ निवासी मजदूर सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में बताया कि वह टनल के भीतर सरिया बांधने का काम कर रहे थे। उनके मुताबिक उस समय टनल में करीब 16 से 17 मजदूर मौजूद थे। काम के दौरान अचानक करीब 150 मीटर दूर भारी भूस्खलन हुआ। देखते ही देखते पानी के साथ पत्थर और मलबा तेज रफ्तार से टनल के अंदर घुस आया। मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना में टीआरटी यानी टेल रेस टनल एक महत्वपूर्ण भूमिगत सुरंग है। बिजली उत्पादन के बाद टरबाइन से निकलने वाले पानी को पावरहाउस से बाहर निकालकर मुख्य नदी में प्रवाहित करने का काम इसी सुरंग के माध्यम से किया जाता है। पीपलकोटी परियोजना में इस टीआरटी की लंबाई करीब ढाई किलोमीटर बताई जा रही है। इसी निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना की सुरंग में पिछले साल 31 दिसंबर की देर रात दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गई थीं। उस समय सुरंग के भीतर 100 से अधिक अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर काम कर रहे थे। हादसे में करीब 60 लोग घायल हुए थे। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया था। दुर्घटना के बाद सुरंग में निर्माण कार्य लंबे समय तक प्रभावित रहा था। इधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल में मलबा और पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।