मौत का जिम्मेदार कौन? महिला इंफ्लुएंसर ने छेड़छाड़ का आरोप लगाकर वायरल किया वीडियो! ट्रोल होने पर टूटा शख्स, फांसी लगाकर दे दी जान
नई दिल्ली। सोशल मीडिया, वो प्लेटफॉर्म जहां आज लोग अपनी हर बात खुलकर रखते हैं और इसका असर भी दिखता है, लेकिन कभी-कभी कुछ लोग मात्र वायरल होने के लिए कुछ भी मनगढ़ंत कहानी बनाकर पोस्ट कर देते हैं। ऐसी घटनाएं न केवल समाज को गलत संदेश देते हैं, बल्कि कई बार इसका बहुत बुरा असर भी दिखता है। कुछ ऐसा ही एक मामला केरल से सामने आया है, यहां एक 42 साल के व्यक्ति ने अपने ऊपर गंभीर आरोप लगने के बाद आत्महत्या कर ली। सोशल मीडिया पर केरल का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यात्रियों से भरी बस के इस वीडियो में एक महिला सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड कर रही है। महिला के बगल में एक शख्स खड़ा है। महज 26 सेकेंड के इस वीडियो में एक जगह पर पुरुष का हाथ महिला के शरीर से टच कर जाता है, जिसके बाद यह मामला महिला को गलत तरीके से छूने से बन गया। फिर यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वीडियो में दिख रहे शख्स को लोगों ने जमकर गालियां दी। अंत में वो शख्स इस कदर टूटा कि उनसे खुदकुशी कर ली। दिल दहलाने वाला यह मामला केरल के कोझीकोड से सामने आया है। जहां 16 जनवरी को मनोवैज्ञानिक शिमजिथा मुस्तफा ने एक खचाखच भरी बस से 26 सेकंड का एक सेल्फी वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में उन्होंने 41 वर्षीय दीपक पर आरोप लगाया कि बस के झटकों के बीच उसने जानबूझकर उन्हें गलत तरीके से छुआ। दीपक की खुदकुशी के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का कारण बन चुकी है। यह घटना सोशल मीडिया ट्रायल, डिजिटल जिम्मेदारी और बिना जांच आरोप लगाने के खतरों पर नई बहस छेड़ रही है। कई लोग कह रहे हैं कि एक वीडियो ने जिंदगी छीन ली! सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखता है कि भीड़ वाली बस में दीपक की कोहनी महिला के शरीर से छू जाती है। महिला ने आरोप लगाया है कि यह यौन उत्पीड़न था। बताया जा रहा है कि महिला एक कंसल्टेंट साइकोलॉजिस्ट और कॉमर्स लेक्चरर है। वह केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस में यात्रा कर रही थी।
परिजनों ने कहा- आरोप झूठे, सोशल मीडिया ट्रायल से टूट गया था दीपक
वीडियो में उसके लगाए आरोपों से दीपक ने इनकार किया, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के बाद दीपक को इस कदर ट्रोल किया गया कि उसने 18 जनवरी को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोप झूठे थे और सोशल मीडिया ट्रायल ने उन्हें तोड़ दिया। पुलिस ने अनैसर्गिक मौत का केस दर्ज किया है और जांच जारी है।