मेरठ भीषण अग्निकांड: नमाज पढ़कर लौटे तो उजड़ चुका था आशियाना, मां और पांच बच्चों की मौत, राख के ढेर में बदलीं खुशियां
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना इलाके के किदवई नगर में सोमवार रात एक शॉर्ट सर्किट ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां राख कर दीं। आग की लपटें देख खौफजदा हुई रुखसार ने अपनी तीन बच्चों और भतीजे-भतीजी की जान बचाने के फेर में खुद को कमरे में बंद कर लिया, जिसके बाद वह बच्चों समेत आग के घेरे में फंस गई। फायर ब्रिगेड ने उन्हें बचाने की कड़ी मशक्कत की लेकिन आग में झुलसने के कारण रुखसार और बच्चों की मौत हो गई थी। किदवई नगर ऊंचा पीर निवासी इकबाल अंसारी के पांच बेटे फारूक, आसिम, डॉ. असद, नाजिम और कासिम एक ही मकान में रहते हैं और ऑनलाइन कपड़ों का व्यापार करते हैं। सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे परिवार के सभी पुरुष पास की मस्जिद में नमाज पढ़ने गए थे। इसी दौरान मकान की पहली मंजिल पर अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ। धमाके की आवाज सुनकर घर की महिलाएं बाहर की ओर भागीं, लेकिन निचले हिस्से में कपड़ों का गोदाम होने के कारण चिंगारी ने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें आसमान छूने लगीं तो आसिम की पत्नी रुखसार बुरी तरह घबरा गई। जान बचाने की जद्दोजहद में रुखसार ने अपनी दो जुड़वा बेटियों नबिया व इनायत, बेटा अकदस और भतीजे हम्माद व भतीजी महविश को लेकर दूसरी मंजिल के एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। देखते ही देखते आग ने उस कमरे को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। भीतर से बच्चों की चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले में हड़कंप मच गया।
पड़ोसियों ने फौरन इसकी जानकारी मस्जिद में मौजूद आसिम और इकबाल को दी। बदहवास पिता-पुत्र मौके पर पहुंचे और अंदर जाने का प्रयास किया लेकिन लपटों की तपिश इतनी ज्यादा थी कि उन्हें रोकना पड़ा। सूचना पर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने पड़ोसियों की छतों के सहारे इकबाल के घर तक पहुंच बनाई और सीढ़ी लगाकर मकान में अचेत पड़े मिले परिजनों को बारी-बारी से नीचे उतार कर हापुड़ रोड पर स्थित राजधारी अस्पताल में पहुंचाया। हालांकि रुखसार और बच्चों की जान नहीं बच सकी। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई। पड़ोसी वसीम, जीशान, फराज और शाहवेज ने बताया कि उन्होंने आज से पहले इतना खौफनाक मंजर नहीं देखा था। घर के भीतर से आ रही बच्चों की चीखें सुनकर सबकी रूह कांप गई थी। आग बुझने के बाद जब परिवार ने घर के भीतर कदम रखा, तो वहां सिर्फ राख का ढेर बचा था। मेहनत की कमाई और व्यापार का सारा माल जलते देख पूरे परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हादसे में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
जान बचाने के लिए रुखसाना और बच्चे दूसरी मंजिल के कमरे में पहुंच गए। कुछ ही देर में आग वहां तक पहुंच गई। रुखसाना और बच्चे खिड़की खोलकर जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन भीषण आग के कारण कोई भी मकान के अंदर नहीं जा सका। जब तक दमकलकर्मी और पुलिस कर्मी पहुंचे उनकी जान जा चुकी थी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि आग ने कुछ ही देर में मकान के तीनों मंजिल को आगोश में ले लिया था। महिला और बच्चों की चीख पुकार सुनकर लोगों ने पानी डालने व उन तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। मकान में आग लगने के दौरान इकबाल के परिवार की महिलाएं खाना बनाने की तैयारी कर रहीं थीं। बेटे डॉ. अरशद ने बताया कि वह नमाज पढ़ने गए हुए थे। उस दौरान परिवार की महिलाएं खाना बनाने की तैयारी कर रहीं थी। जब वह लौटकर आए तो उन्हें हादसे की जानकारी हुई। पड़ोसियों ने बताया कि आगजनी के दौरान घर में डॉ. अरशद और फारुख की पत्नी के अलावा उनके बच्चे शहरीश, अरहम और रिहान भी मौजूद थे। जब आग ने विकराल रूप धारण किया और मकान में धुआं भरने लगा तो परिवार के सदस्य जान बचाने के लिए ऊपर की ओर भागे।
इस दौरान डॉ. अरशद और फारुख की पत्नी शहरीश, अरहम व रिहान को लेकर छत के रास्ते पड़ोसियों के घर चले गए। लेकिन रुखसाना व अन्य बच्चे कमरे जाकर फंस गए। मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना इलाके के किदवई नगर इस्लामाबाद में सोमवार रात करीब 8:45 बजे कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद के मकान में भीषण आग लग गई। झुलसने और दम घुटने से इकबाल के बेटे आसिम की पत्नी रुखसार, उनका तीन साल का बेटा अकदस, 6 माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और बेटे फारूक की बेटी महविश व बेटे हम्माद की मौत हो गई। हादसे में इकबाल की पत्नी अमीर बानो झुलस गई हैं। बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और कमरों में रखे कपड़ों में फैलती चली गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकलकर्मियों ने परिवार के लोगों को पास स्थित राजधानी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टर ने पांच बच्चों सहित छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। घायल अमीर बानो का उपचार चल रहा है। हादसे के वक्त इकबाल अहमद और उनके दोनों बेटे आसिम, फारूक व डॉ. अरशद तरावीह की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गए हुए थे।
किदवई नगर इस्लामाबाद की गली नंबर-3 में कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद का तीन मंजिल का मकान है। इसमें उनके तीन बेटे आसिम, फारूक और डॉ. अरशद का परिवार रहता है। मकान के भूतल पर आई संस एम्ब्रॉयडरी का कारखाना संचालित होता है। इसमें पावरलूम के जरिए धागों से कपड़ा तैयार किया जाता है। पहली और दूसरी मंजिल पर परिवार रहता है। घर की दूसरी मंजिल पर इकबाल की पत्नी अमीर बानो, आसिम की पत्नी रुखसार, उनका तीन वर्षीय बेटा अकदस, छह माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और फारूक की बेटी महविश, बेटा हम्माद व अन्य परिजन मौजूद थे। रात करीब पौने नौ बजे अचानक घर में आग लग गई। घर में कई जगहों पर कपड़े रखे थे। कुछ देर में कपड़ों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर दिया। पूरे घर में धुआं भर गया। आग की लपटें फैल गई। आग और धुआं देखकर पड़ोसियों ने पुलिस और दमकलकर्मियों को सूचना दी। हादसे की सूचना मिलते ही डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय, डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट ही आग का कारण लग रहा है। संकरी गलियों की वजह से बचाव कार्य में चुनौतियां आईं। हादसे में कुल छह लोगों की जान गई है।