Oct 13, 2026 Login
Awaaz24x7-government

उत्तराखंडHC:जंगलों में लगने वाली आग पर सरकार की ओर से दिए गए शपथपत्र से असंतुष्ट हुआ हाईकोर्ट,दोबारा स्पष्ट शपथपत्र पेश करने के दिये निर्देश

UttarakhandHC: High court dissatisfied with the affidavit given by the government on forest fire, directed to present a clear affidavit again

उत्तराखंड हाइकोर्ट ने प्रदेश के जंगलों में लगने वाली आग का स्वतः संज्ञान लिए जाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। सरकार की तरफ से पेश किए गए शपथपत्र से कोर्ट सन्तुष्ट नही हुई। कोर्ट ने सरकार को फिर से एक डिटेल शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए है साथ में पीसीसीएफ को भी 15 सितम्बर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए है। मामले की अगली सुनवाई हेतु 15 सितम्बर की तिथि नियत की है। पूर्व में कोर्ट ने  राज्य सरकार को अहम दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा था कि वन विभाग में खाली पड़े 65 प्रतिशत पदों को 6 माह में भरने व ग्राम पंचायतों को मजबूत करने के साथ साथ वर्ष भर जंगलो की निगरानी करने को लेकर शपथपत्र पेश करने को कहा था । कोर्ट के आदेश के क्रम में सरकार द्वारा आज शपथपत्र पेश किया लेकिन शपथपत्र में खाली पड़े पदों पर पदोन्नति व नई भर्ती का कोई जिक्र नही किया गया जैसे कब पदोन्नति होगी , कितने पदों पर होगी और  कितने पद रिक्त है इसका कोई जिक्र नही था, जिसपर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की और सरकार से कहा कि 15 सितम्बर तक कोर्ट में एक डिटेल और स्पष्ट शपथपत्र पेश करें साथ ही पीसीसीएफ को भी कोर्ट में व्यग्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए है।

                     
 कोर्ट ने इन द मैटर आफ प्रोटेक्शन आफ फारेस्ट एरिया फारेस्ट हेल्थ एंड वाइल्ड लाइफ से सम्बंधित मामले को जनहित याचिका के रूप में स्वतः संज्ञान 2018 में लिया था। जंगलो को आग से बचाने के लिए कोर्ट ने पूर्व में कई दिशा निर्देश जारी किए थे लेकिन इस साल और अधिक आग लगने के कारण यह मामला दोबारा से उजगार हुआ। 


 आपको बता दे अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व राजीव बिष्ट ने कोर्ट के सम्मुख प्रदेश के जंगलों में लग रही आग के सम्बंध में कोर्ट को अवगत कराया था। उनका कहना था कि अभी प्रदेश के कई जंगल आग से जल रहे है और प्रदेश सरकार इस सम्बंध में कोई ठोस कदम नही उठा रही है। जबकि हाइकोर्ट ने 2016 में जंगलो को आग से बचाने के लिए भी गाइड लाइन जारी की थी । कोर्ट ने गांव स्तर से ही आग बुझाने के लिए कमेटियां गठित करने को कहा था जिस पर आज तक अमल नही किया गया । सरकार जहां आग बुझाने के लिए हेलीकाप्टर का उपयोग कर रही है उसका खर्चा बहुत अधिक है और पूरी तरह से आग भी नही बुझती है इसके बजाय गाँव स्तर पर कमेटियां गठित की जाय। कोर्ट ने विभिन्न पेपरों में आग को लेकर छपी खबरों का गम्भीरता से संज्ञान लिया था कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि इसको बुझाने के लिए क्या क्या उपाय किए जा रहे है कोर्ट को अवगत कराएं।