जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर जल्द हो सकता है बड़ा फैसला, कल्पना सोरेन बोलीं-छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर’

A major decision regarding the JPSC-JSSC dispute could be taken soon; Kalpana Soren stated, "The government is fully serious about the students' future."

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची में जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार की ओर से बड़ा संकेत मिला है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की विधायक कल्पना सोरेन ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर हैं और सरकार पूरे मामले पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर छात्रों की मांगों और आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं।

मीडिया से बातचीत में कल्पना सोरेन ने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़ा विवाद केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए सरकार इसे किसी भी स्तर पर हल्के में नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते आए हैं और इस बार भी सरकार छात्रों की समस्याओं का सकारात्मक समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को केवल विरोध प्रदर्शन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह उन युवाओं की चिंता और भविष्य की लड़ाई है, जिन्होंने वर्षों की मेहनत से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है। सरकार उनकी भावनाओं और अपेक्षाओं को समझते हुए हर पहलू पर गंभीरता से मंथन कर रही है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में जेपीएससी परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम, कथित अनियमितताओं की सीआईडी जांच की प्रगति और आंदोलनरत छात्रों की प्रमुख मांगों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, कल्पना सोरेन ने किसी औपचारिक बैठक की पुष्टि नहीं की, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही छात्रों के हित में सकारात्मक निर्णय सामने आ सकता है। इधर, राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना और सत्याग्रह जारी है। आंदोलनकारी छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा चयन प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सरकार और छात्र संगठनों के बीच वार्ता की संभावना भी लगातार जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार विवाद के समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने और छात्रों के प्रतिनिधियों से संवाद शुरू करने पर विचार कर रही है। इससे गतिरोध समाप्त होने की उम्मीद बढ़ी है। उधर, जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की सीआईडी जांच भी लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में कई गिरफ्तारियां और पूछताछ हो चुकी हैं, जिससे यह मुद्दा अब प्रशासनिक ही नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील बन गया है। अब पूरे राज्य की निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की संभावित बैठक और सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं। यदि सरकार छात्रों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय लेती है, तो लंबे समय से जारी आंदोलन के समाधान का रास्ता खुल सकता है। वहीं, अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और न्यायपूर्ण कार्रवाई चाहिए।