उत्तराखण्डः यूपी बस संचालकों को राहत की उम्मीद! काशीपुर-मुरादाबाद रूट पर स्थायी परमिट की मांग पर हाईकोर्ट में सुनवाई
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने यूपी के बस संचालकों को काशीपुर से मुरादाबाद रुट पर बस संचालन में हो रही दिक्कतों के मामले पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने याचिका को निस्तारित करते हुए परिवहन निगम उत्तराखंड को निर्देश दिए हैं कि बस संचालकों के प्रत्यावेदन पर विधि के अनुसार निर्णय लेकर यह सुनिश्चित करें कि इनको इस रूट पर बस संचालन के लिए परमिट दिया जाए या नही। इनको अवगत कराएं। बता दें कि मुरादाबाद के बस संचालक नदीम खान व चौबीस अन्य लोगों द्वारा याचिका दायर कर कहा है कि वर्ष 2018 में उत्तराखंड और यूपी सरकार के बीच यह अनुबंध हुआ था कि मुरादाबाद से काशीपुर रुट के बीच दोनों राज्यों की बसें बिना रोक टोक के संचालित होंगी। इसके लिए दोनों राज्यों की परिवहन निगम से परमिट लिया जाएगा। लेकिन उत्तराखण्ड परिवहन निगम ने उन्हें अस्थायी तौर पर बस संचालन के लिए परमिट जारी किया हुआ है। जिसे हर तीन माह में रिन्युअल कराना पड़ता है। जिसकी वजह से उन्हें बार-बार निगम के चक्कर काटने पड़ते है और बस संचालन में दिक्कत हो रही है। उनके द्वारा स्थायी परमिट दिए जाने को लेकर 2023 में निगम को प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसपर आज तक उन्हें स्थायी परमिट जारी न कर हर तीन माह में अस्थायी परमिट जारी किया जाता है। याचिका में उनके द्वारा कोर्ट से प्रार्थना की है कि उन्हें स्थायी परमिट जारी करने के निर्देश निगम को दिए जाएं।