उत्तराखंडः विकासनगर में अवैध पेड़ कटान और शिकायतकर्ताओं के सामाजिक बहिष्कार पर हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट! सरकार से पूछा- अब तक क्या हुई कार्रवाई?

Uttarakhand: The High Court has requested a report on the illegal tree felling in Vikasnagar and the social boycott of complainants. The government has been asked, "What action has been taken so far?

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून जनपद के विकासनगर क्षेत्र स्थित ग्राम सभा तौली में कथित अवैध पेड़ कटान और शिकायतकर्ताओं के सामाजिक बहिष्कार के मामले में सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि 20 जनवरी 2026 को ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई है। विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई की तिथि 2 सप्ताह बाद नियत की गई है। बता दें कि विकासनगर क्षेत्र स्थित ग्राम सभा तौली के छह ग्रामीणों गोपाल सिंह, विनोद कुमार चौहान समेत अन्य ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि जनवरी 2026 के दौरान गांव में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई, जिसकी शिकायत उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से करते हुए जांच की मांग की थी। शिकायत के बाद प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) द्वारा कराई गई जांच में 54 पेड़ों के कटे होने तथा 29 अन्य पेड़ों को अत्यधिक शाखा कटान (एक्सेसिव लॉपिंग) के कारण गंभीर क्षति पहुंचने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में पीपल, आम समेत विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों को नुकसान पहुंचने का उल्लेख किया गया है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही पेड़ कटान का विरोध करने वाले छह ग्रामीणों के खिलाफ ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर उन्हें सामाजिक रूप से बहिष्कृत किए जाने, उन पर जुर्माना लगाने तथा गांव स्तर पर उनका सामाजिक बहिष्कार करने के आरोप भी लगाए गए हैं।