उत्तराखण्ड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: देहरादून के पिनैकल रेजीडेंसी को जारी फायर एनओसी का आदेश रद्द! डीएम को सभी पक्षों की सुनवाई के बाद दोबारा फैसला लेने के निर्देश

Major ruling by the Uttarakhand High Court: Order granting Fire NOC to Dehradun's Pinnacle Residency quashed! District Magistrate directed to make a fresh decision after hearing all parties.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में देहरादून के ‘पिनैकल रेजीडेंसी’ मामले में डीएम द्वारा फायर एनओसी देने के मामले में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की एकलपीठ ने देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 18 जनवरी 2023 को पारित उस आदेश को पूरी तरह से रद्द कर दिया है, जिसमें मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) को बिल्डर (मेसर्स दिशा हॉस्पिटलिटी प्राइवेट लिमिटेड) को फायर एनओसी जारी करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने डीएम देहरादून को सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का उचित अवसर प्रदान करते हुए कानून के दायरे में इस अपील पर दोबारा निष्पक्ष निर्णय लेने को कहा है। बता दें कि पिनैकल रेजीडेंसी अपार्टमेंट्स ओनर्स एसोसिएशन द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि जाखन स्थित पिनैकल रेजीडेंसी लगभग 30 मीटर ऊंची इमारतों वाला एक ग्रुप हाउसिंग कॉम्प्लेक्स है, जिसमें कुल 86 आवासीय फ्लैट और स्टूडियो अपार्टमेंट बने हैं। निवासियों के संगठन ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि बिल्डर द्वारा स्वीकृत भवन योजना के नियमों के विपरीत कुछ ऐसे अवैध निर्माण खड़े कर दिए गए हैं, जो आग लगने की स्थिति में निवासियों के जीवन को खतरे में डालते हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी द्वारा आयोजित फायर मॉक ड्रिल की रिपोर्ट में पाया गया था कि कॉम्प्लेक्स के प्रवेश द्वार के पास बने एक आरसीसी स्लैब के कारण बड़ी दमकल गाड़ियों और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म का अंदर जाना असंभव है। बावजूद इसके देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 18 जनवरी 2023 को पारित मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) को बिल्डर (मेसर्स दिशा हॉस्पिटलिटी प्राइवेट लिमिटेड) को फायर एनओसी जारी करने का निर्देश दिए थे। आपातकालीन परिस्थितियों में अपार्टमेंट के लिए खतरा उतपन्न हो सकता है।