उत्तराखण्डः वन विकास निगम कर्मियों के वेतन से रिकवरी का मामला! हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का लिया निर्णय

Uttarakhand: The High Court has decided to hear all petitions together regarding the recovery of Forest Development Corporation employees' salaries.

नैनीताल। उत्तराखण्ड वन विकास निगम के 1500 कर्मचारियों के वेतन से हो रही कटौतियों व रिकवरी के ख़िलाफ़ कोर्ट के पूर्व के आदेशों का अनुपालन न करने को लेकर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खंडपीठ ने सभी याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करने का निर्णय लिया है। पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पेशल ऑडिट से पहले विभाग द्वारा निर्धारण वेतनमान को सही मानते हुए सरकार को आदेश दिया है कि 3 महिनों के भीतर कर्मचारियों को सभी लाभ दिए जाएं। बता दें कि 1987 से काम कर रहे दैनिक वेतन कर्मचारियों को उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 2002 में नियमित कर दिया और नौकरी के दौरान के सभी लाभ दे दिये गये। 2017 में जब स्पेशल ऑडिट हुआ तो पाया गया कि इन कर्मचारियों को गलत तरीके से सेवा में वेतनमान के निर्धारण को मानक से अधिक लाभ दे दिया गया है। स्पेशल ऑडिट का हवाला देते हुए जुलाई 2024 में नौकरी में अधिक लाभ लेने वालों के खिलाफ रिकवरी का आदेश निकाल दिया गया। जिसे वन विकास कर्मचारी संघ ने हाईकोर्ट में चुनौती दी और कहा कि रिकवरी आदेश को निरस्त किया जाए, उनसे रिकवरी ना की जाए।