नैनीताल:गैस नहीं,पर चिंता छोड़ो!!नैनीताल के रेस्टोरेंट्स के लिए एकमात्र विकल्प इंडक्शन और कोयले,पर्यटन पर पड़ रहा प्रभाव,कारोबारी बोले कोविड जैसे हालात,प्रशासन बोला????
नैनीताल:
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की लगातार बढ़ती किल्लत और महंगे होते दामों ने नैनीताल के रेस्टोरेंट कारोबार को गंभीर रूप से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। गैस सिलेंडर समय पर न मिलने से कई रेस्टोरेंट्स और छोटे फूड आउटलेट संकट का सामना कर रहे हैं। सरोवर नगरी में कुछ रेस्टोरेंट्स को अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं और कुछ रेस्टोरेंट खुले जरूर हैं लेकिन ग्राहक नदारत है।


रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि फिलहाल इस समस्या का कोई त्वरित समाधान नजर नहीं आ रहा। गैस की कमी के चलते कई रेस्टोरेंट्स ने वैकल्पिक उपाय अपनाए हैं—कुछ जगह लकड़ी और कोयले के चूल्हों का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो कुछ ने इंडक्शन चूल्हे का सहारा लेना शुरू कर दिया है।

अनुपम रेस्टोरेंट के संचालक रुचिर साह ने कहा, “एलपीजी की सप्लाई रोकने से हालात कोविड महामारी जैसी स्थिति जैसा हो गया है। सरकार ने स्पष्ट नहीं किया है कि यह कमी कब तक रहेगी। अगर समय से जानकारी मिल जाए तो हम उसी के अनुसार तैयारी कर सकते हैं। कई होटल्स ने बुकिंग लेना भी बंद कर दिया है। फिलहाल हम इंडक्शन और कोयले के चूल्हों पर ही काम चला रहे हैं।”

अशोक साह नामक रेस्टोरेंट संचालक अतुल साह ने कहा, “अगर यह स्थिति जारी रही, तो टूरिस्ट आने कम हो जाएंगे। नैनीताल का कारोबार गैस सिलेंडर पर निर्भर है। हमने इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल शुरू किया है और बाकी रेस्टोरेंट्स को भी ऐसा करना चाहिए, नहीं तो व्यापार को नुकसान होगा।”

कुछ रेस्टोरेंट संचालक यह भी बता रहे हैं कि ब्लैक मार्केट में सिलेंडर इतने महंगे बिक रहे हैं कि छोटे कारोबारियों के लिए इसे खरीद पाना मुश्किल हो गया है। स्थिति गंभीर होने पर कई रेस्टोरेंट्स को बंद करना पड़ सकता है, और जो चल रहे हैं वहां खाने-पीने की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है।
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार इस संकट का असर बजट होटलों पर भी पड़ रहा है। छोटे होटल अपने ग्राहकों के लिए आसपास के ढाबों या रेस्टोरेंट्स से भोजन मंगवाते थे, लेकिन अब जगह-जगह आउटलेट बंद होने के कारण उन्हें स्वयं व्यवस्था करनी पड़ रही है। वहीं, फूड वैन और रेहड़ी लगाने वाले छोटे व्यवसायी भी गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने से परेशान हैं।
जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी अफवाह या घबराहट में न आएं और अनावश्यक रूप से गैस का भंडारण न करें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।