Oct 29, 2026 Login
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उत्तराखण्डः पहाड़ से मैदान तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की लाचारी! हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को दिए सख्त निर्देश, सरकार बोली- मार्च तक भरेंगे पद

Uttarakhand: The dire state of government healthcare services from the hills to the plains! High Court issues strict directives to the Health Secretary; government promises to fill vacancies by March

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डाक्टरों और अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नही होने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए स्वास्थ्य सचिव से कहा है कि जनहित याचिकाकर्ता का जो प्रत्यावेदन उनके कार्यालय में लंबित है उसे चार माह के भीतर निस्तारित करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए उचित निर्णय लें। आज हुई मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और डॉक्टरों के रिक्त पड़े पदों को सरकार के द्वारा वॉक एन्ड इंटरव्यू के माध्यम से भरा जा रहा है। मार्च तक अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पूरा कर लिया जायेगा। बता दें कि हरिद्वार के नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डाक्टरों की भारी कमी है। यही नही अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध तक नही है। कई सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डाक्टरों के पद स्वीकृत होने के भाद भी वहां डाक्टर नही है। उनके द्वारा वर्ष 2025-26 का आंकड़ा पेश कर कहा गया कि इन अस्पतालों द्वारा छोटी सी बीमारी से लेकर बड़ी बीमारी के करीब 52 हजार मरीजों को हायर सेंटर भेजा गया। जो अपने आप में स्वास्थ्य सुविधाओं के आभाव को दरसाने का एक बड़ा उदाहरण है। उनके द्वारा आगे यह भी कहा गया कि डीडीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाइट की उचित व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को टोर्च की रोशनी में देखा जा रहा है।