Oct 10, 2026 Login
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उत्तराखंड: आय से 500 गुना अधिक संपत्ति रखने वाले अधिकारी राम विलास यादव की ओर से कोर्ट में दी गयी ऐसी दलील कि सुनकर आप भी हो जाएंगे हैरान! अब विजिलेंस के सामने होंगे बयान दर्ज

Uttarakhand: Such an argument given in the court by Ram Vilas Yadav, an officer who has assets more than 500 times the income, that you will also be surprised to hear! Now the statement will be recor

उत्तराखण्ड हाई कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी अपर सचिव समाज कल्याण विभाग के राम विलास यादव की गिरफ्तारी पर रोक के मामले पर सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद वरिष्ठ न्यायमुर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने सरकार से 23 जून तक स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए है। कोर्ट ने यादव से कहा है कि वे कल तक अपना बयान विजिलेंस के सम्मुख दर्ज कराएं।

मामले की अगली सुनवाई 23 जून की तिथि नियत की है। आज सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाए गए है, जो गलत है। उनकी लड़की विदेश में है, लड़का सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता, उनकी पत्नी कालेज की प्रबंधक और खुद वे आईएएस अधिकारी है। यह संपत्ति इनकी मेहनत से अर्जित की है। जिस व्यक्ति ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की उसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे चल रहे है। इस मामले में उनको अपना पक्ष रखने का मौका तक नही दिया गया। सरकार ने जो कमेटी गठित की थी उनको पक्ष रखने से पहले ही भंग कर दिया गया। सरकार की तरफ से कहा गया कि विजिलेंस टीम ने इनको कई बार अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया परन्तु ये नही गए, बजाय इसके ये मुख्य मंत्री प्रमुख सचिव और कई मंत्रियों से मिले। 

आपको बता दे कि आईएएस राम विलास यादव उत्तराखंड सरकार में समाज कल्याण विभाग में अपर सचिव के पद पर कार्यरत है। पूर्व में यादव उत्तर प्रदेश सरकार में लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव भी रह चुके है। इनके खिलाफ लखनऊ में एक व्यक्ति द्वारा आय से अधिक संपत्ति रखने की शिकायत दर्ज की थी,जिसके आधार पर उत्तराखंड सरकार ने जाँच शुरू की।

विजिलेंस टीम ने इनके लखनऊ , देहरादून व गाजीपुर ठिकानों पर छापा मारा, जिसमे संपत्ति से सम्बंधित कई दस्तावेज मिले। जाँच करने पर इनके खिलाफ आय से 500 गुना अधिक संपत्ति मिली। इसके आधार पर सरकार ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया । अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए आज उन्होंने माननीय उच्च न्यायलय की शरण ली। यादव उत्तर प्रदेश सरकार में एलडीए सचिव के साथ साथ मंडी परिषद के निदेशक भी रह चुके है। यादव को आज विजिलेंस के सम्मुख पेश होना था।