उत्तराखण्डः केदारनाथ यात्रा में भ्रामक रील्स और तोड़फोड़ पर सख्त एक्शन! रुद्रप्रयाग पुलिस ने दर्ज किए मुकदमे, अराजक तत्वों को चेतावनी
देहरादून। केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। इसी क्रम में रुद्रप्रयाग पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं और भड़काऊ रील्स प्रसारित करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल द्वारा 24 घंटे निगरानी के दौरान कई ऐसे वीडियो और रील्स सामने आए, जिनमें केदारनाथ यात्रा और दर्शन व्यवस्थाओं को लेकर तथ्यहीन और भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही थी। इन पोस्टों के जरिए न केवल श्रद्धालुओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही थी, बल्कि यात्रा की छवि को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाली सोनप्रयाग में तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। वहीं दूसरी ओर केदारनाथ धाम क्षेत्र में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सुलभ इंटरनेशनल के सुपरवाइजर मिंटू पाठक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार केदारनाथ धाम के विभिन्न क्षेत्रों हाट बाजार, पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पीछे, पंजाब सिंध भवन के पास और बेस कैंप इलाके में कुल पांच सार्वजनिक शौचालयों के दरवाजों को तोड़ दिया गया। इसके अलावा 12 पानी के नलों और करीब 60 फ्लश सिस्टम को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। इस तरह की घटनाओं से जहां एक ओर सरकारी संपत्ति को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर धाम में मौजूद श्रद्धालुओं को भी गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली सोनप्रयाग पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धारा 3 के तहत मुकदमा संख्या 07/2026 दर्ज कर लिया है। रुद्रप्रयाग पुलिस ने साफ चेतावनी जारी की है कि केदारनाथ धाम की पवित्रता, गरिमा और सुविधाओं के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।