होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव: यूएई तट के पास जहाज हाईजैक कर ईरान की ओर ले जाने की खबर! ओमान तट पर भारतीय मालवाहक पोत डूबा, पश्चिम एशिया में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया के सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। संयुक्त अरब अमीरात के पूर्वी तट के पास लंगर डाले एक जहाज को अज्ञात लोगों द्वारा कथित तौर पर कब्जे में लेकर ईरान की दिशा में ले जाने की खबर सामने आई है। इस घटना की पुष्टि ब्रिटिश सैन्य संगठन यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने की है। घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की निगरानी बढ़ा दी गई है। UKMTO की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित जहाज यूएई के फुजैरा बंदरगाह से लगभग 38 समुद्री मील यानी करीब 70 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में लंगर डाले हुए था, तभी कुछ अनधिकृत लोग उस पर सवार हुए और जहाज पर कब्जा कर लिया। इसके बाद जहाज को ईरानी जलक्षेत्र की दिशा में ले जाया गया। हालांकि अभी तक जहाज की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और न ही किसी संगठन ने इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है।
ब्रिटिश सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी गहन जांच की जा रही है और क्षेत्र में गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जहाज के चालक दल की स्थिति क्या है और क्या वे सुरक्षित हैं या नहीं। इसी बीच ओमान के तट से एक और चिंताजनक घटना सामने आई है। भारतीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एक भारतीय ध्वज वाले मालवाहक जहाज पर हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई और बाद में वह समुद्र में डूब गया। यह जहाज सोमालिया से संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह की ओर जा रहा था। जहाज पर कुल 14 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। सौभाग्यवश ओमान की तटरक्षक टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 14 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया। अधिकारियों के अनुसार सभी चालक दल सुरक्षित हैं और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को गंभीर और अस्वीकार्य बताते हुए नागरिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है।
मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना वैश्विक समुदाय की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग एक-चौथाई हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, तेल कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है। इन घटनाओं के बीच पश्चिम एशिया पहले से ही गहरे राजनीतिक और सैन्य तनाव से गुजर रहा है। क्षेत्र में विभिन्न देशों के बीच बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर उठते सवालों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ती रहीं तो इसका असर वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला पर व्यापक रूप से पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र की अगली गतिविधियों और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह पश्चिम एशिया की स्थिरता और वैश्विक आर्थिक संतुलन के लिए बेहद अहम साबित होगा।