उत्तराखंड: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र आज,निंदा प्रस्ताव लाएगी सरकार, विपक्ष ने भी कसी कमर
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का आज का विशेष सत्र हंगामेदार होने की पूरी संभावना है। महिला आरक्षण और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के इर्द-गिर्द बुने गए इस एक दिवसीय सत्र में सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिलेगी। जहाँ सरकार विपक्ष के 'अड़ंगा' डालने वाले रवैये पर निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने भी महिला सुरक्षा और बिल को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर सरकार की घेराबंदी करने की रणनीति तैयार कर ली है।
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस संशोधन विधेयक के विरोध में मतदान कर अपनी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। विशेष सत्र के दौरान सरकार सदन में चर्चा के बाद विपक्ष के इस रुख के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करेगी। सत्ता पक्ष का मुख्य एजेंडा महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा करना और विपक्ष की 'दोहरी राजनीति' को जनता के सामने बेनकाब करना है। दूसरी ओर, विपक्ष ने भी आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के सरकारी आवास पर हुई कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में सरकार को हर मोर्चे पर घेरने का खाका खींचा गया। यशपाल आर्य का कहना है कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर केवल सियासत कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2023 में बिल पारित हो चुका था, तो उसे परिसीमन और जनगणना की शर्तों में उलझाकर क्यों लटकाया गया? विपक्ष की मुख्य मांग है कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए सदन से एक सर्वसम्मत प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाए। सत्र के दौरान केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि महिला अपराध और सुरक्षा का मुद्दा भी गूँजेगा। विपक्ष ने तय किया है कि वे प्रदेश में बढ़ते महिला अपराधों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। विपक्ष द्वारा संसद में संशोधन प्रस्ताव के खिलाफ किए गए मतदान को मुद्दा बनाएगा। अटकाने और लटकाने' की नीति का आरोप लगाते हुए महिला सुरक्षा पर तथ्यों के साथ घेराबंदी करेगा।
वही विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि विशेष सत्र की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। 'नारी शक्ति-लोकतंत्र अधिकार' विषय पर होने वाली इस चर्चा को लेकर उन्होंने दोनों पक्षों से अपील की है। उन्होंने कहा, "यह एक अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए सभी सदस्य सदन की गरिमा के अनुरूप अपनी बात रखें। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विशेष सत्र आगामी चुनावों के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण है। दोनों ही दल स्वयं को महिलाओं का सच्चा हितैषी साबित करने की होड़ में हैं। जहाँ भाजपा 'नारी शक्ति वंदन' के जरिए अपनी उपलब्धि गिनाएगी, वहीं कांग्रेस 'आरक्षण में देरी' और 'सुरक्षा' को ढाल बनाकर पलटवार करेगी। आज की कार्यवाही यह तय करेगी कि महिला सशक्तीकरण की इस लड़ाई में कौन सा पक्ष जनता के दिल में जगह बना पाता है।